Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: कुछ ही घंटों में लगेगा सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं

Surya Grahan 2026

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को भारत के मानक समयानुसार दोपहर 3:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक रहेगा। इसका कुल अवधी लगभग 4 घंटे 31 मिनट होगी, और ग्रहण अपना चरम (पीक) शाम 5:13 से 6:11 बजे के बीच देखने को मिलेगा।

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सूर्य ग्रहण का प्रकार और नाम

यह एक वलयाकार (Annular) सूर्य ग्रहण होगा, जिसे अंग्रेज़ी में ‘Ring of Fire’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि चंद्रमा सूर्य के केंद्र को ढकते हुए उसके किनारों के चारों ओर प्रकाश की अंगूठी छोड़ता है।

क्या भारत में दिखाई देगा?

यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह दक्षिणी अफ्रीका, अंटार्कटिका, दक्षिण अमेरिका और कुछ अन्य क्षेत्रों में ही दृश्य रूप से देखा जा सकेगा।

सूतक काल — भारत में मान्य होगा या नहीं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरु होता है। लेकिन इस बार चूंकि ग्रहण भारत से दृश्य नहीं होगा, इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। यानी यहां सूतक से जुड़े धार्मिक नियम लागू नहीं होंगे।

ग्रहण क्यों नहीं दिखाई देगा?

यह वलयाकार ग्रहण पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध के हिस्सों में ही दिखाई देगा — भारत इसके मार्ग में नहीं है, इसलिए यहां से यह दृश्य नहीं होगा।

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सावधानियां

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, यदि आप ग्रहण को कहीं भी देख रहे हैं, तो नग्न आँखों से सीधे सूर्य नहीं देखें — इससे आँखों को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसके लिए हमेशा सर्टिफाइड सोलर ग्लास या उपयुक्त फिल्टर का उपयोग करें।

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