Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के दिन सिर्फ 51 मिनट का महाशुभ मुहूर्त, इसी समय करें कलश स्थापना
चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त […]
चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त […]
भारतीय परंपरा में कई ऐसे व्रत और त्योहार हैं जिनका संबंध सीधे देवी-देवताओं की कथाओं से जुड़ा है। इन्हीं में
कई बार जीवन में अचानक समस्याएँ बढ़ने लगती हैं—पैसों की तंगी, रिश्तों में तनाव, सुख-सुविधाओं की कमी और मन में
चैत्र नवरात्रि का पहला दिन आते ही पूरे देश में भक्तिमय वातावरण बन जाता है। मंदिरों में घंटियां बजती हैं,
सुबह 9:00 बजे से सुबह 10:30 बजे तक तक ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को शुभ मुहूर्त नहीं माना जाता है, जिसमें
मेष (Aries) आज मन में उत्साह थोड़ा कम महसूस हो सकता है, जिसके कारण अपने कामों में पूरी तरह समर्पित
14 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सुबह 08:11 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू
कहा जाता है कि जब जीवन में एक के बाद एक परेशानियां आने लगती हैं, तो लोग अक्सर कहते हैं
हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया जाता है। हर अमावस्या पितरों की पूजा, दान और धार्मिक
हिंदू धर्म में Chaitra Navratri 2026 का पर्व बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। यह नौ दिनों का