
15 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 09:16 बजे तक रहेगी, उसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन श्रवण नक्षत्र सुबह 05:56 बजे तक रहेगा और उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। योग की बात करें तो परिघ योग सुबह 10:25 बजे तक रहेगा, इसके बाद शिव योग लगेगा, जिसे काफी शुभ माना जाता है। करण में बालव करण सुबह 09:17 बजे तक, उसके बाद कौलव करण रात 09:34 बजे तक और फिर तैतिल करण शुरू होगा। इस दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा और चंद्रमा पूरे दिन-रात मकर राशि में संचार करेगा।
दिन में कुछ समय ऐसे हैं जिन्हें ज्योतिष में अशुभ माना जाता है, इसलिए इन समयों में नए या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना बेहतर होता है। यमगण्ड दोपहर 12:35 से 02:04 बजे तक रहेगा, कुलिक काल दोपहर 03:33 से 05:02 बजे तक रहेगा और दुर्मुहूर्त शाम 04:56 से 05:44 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् सुबह 09:00 से 10:40 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए ठीक नहीं माना जाता। जिन लोगों का मृगशिरा नक्षत्र के अंतिम 2 चरण, आर्द्रा और पुनर्वसु के पहले 3 चरण हैं, उनके लिए यह दिन चंद्राष्टम का प्रभाव दे सकता है, इसलिए उन्हें थोड़ी सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ समय की बात करें तो इस दिन भी कई अच्छे मुहूर्त मिल रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:02 से 05:50 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 से 12:59 बजे तक रहेगा, जिसमें जरूरी काम शुरू किए जा सकते हैं। वहीं अमृत काल शाम 07:02 से 08:42 बजे तक रहेगा, जो बहुत ही शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा सुबह 04:49 से 06:39 बजे तक श्रवण नक्षत्र और रविवार के संयोग से सर्वार्थसिद्धि योग का प्रभाव रहेगा, जो विशेष रूप से शुभ फल देने वाला माना जाता है। साथ ही 16 मार्च सुबह 05:56 से 06:38 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र के साथ द्विपुष्कर योग भी बनने वाला है, जो किसी काम की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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