
फाल्गुन अमावस्या हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह वह रात है जब चंद्रमा अपनी नई स्थिति में होता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सामान्य से बढ़ जाता है। 2026 में फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी, मंगलवार को है, और यह पितृ कार्य, दान-पुण्य तथा आत्म-शांति के लिए विशेष फलदायी दिन भी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात कुछ काम ऐसे होते हैं जिनसे बचना चाहिए। अगर इन गलतियों को नजरअंदाज़ किया जाए तो जीवन में मानसिक परेशानियां, कर्ज बढ़ना, नकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें और पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए आइए जानते हैं कि फाल्गुन अमावस्या 2026 की रात कौन-सी गलतियां बिल्कुल न करें।
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फाल्गुन अमावस्या की रात इन गलतियों से रहें दूर
1. सुनसान और अकेले स्थानों पर न जाएं
अमावस्या की रात को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। इस समय सुनसान रास्तों, श्मशान घाट या खंडहरों के पास अकेले घूमना अशुभ माना जाता है।
2. तामसिक भोजन का सेवन न करें
इस दिन मांस, मदिरा, प्याज़-लहसुन जैसे तामसिक भोजन से बचें। शुद्धता बनाए रखना शुभ फल प्राप्ति में मदद करता है और पितृ दोष से भी बचाता है।
3. देर रात तक जागरण न करें
अमावस्या की रात को समय पर सोना और मन को शांत रखना हितकारी माना जाता है। देर रात तक बाहर घूमना या जागना आपकी सेहत और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
4. वाद-विवाद से बचें
अमावस्या के दिन घर में झगड़े और कलह न करें क्योंकि इससे घर की सुख-शांति भंग हो सकती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है।
5. संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करें
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन संयम और ध्यान लगाना श्रेष्ठ माना जाता है। इस रात अनावश्यक आकर्षणों और शारीरिक इच्छाओं से बचना चाहिए।
अमावस्या पर शुभ उपाय (क्या करें)
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें — यह मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा देता है।
- घर में दीपक जलाएं और ध्यान लगाएं — इससे नकारात्मक शक्ति कम होती है।
- दान-पुण्य करें — गरीबों को अन्न, तिल या वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
- तर्पण व पिंडदान करें — पितरों को प्रसन्न करने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है।
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Phalguna Amavasya 2026 Quick Facts
- तिथि: 17 फरवरी 2026
- अमावस्या की रात: रात भर
- मुख्य पूजा दिवस: 17 फरवरी, मंगलवार
- विशेष: यह फाल्गुन माह की अंतिम अमावस्या भी मानी जाती है।
