Vindhyachal Chalisa Lyrics: विंध्याचल चालीसा लिरिक्स

Vindhyachal Chalisa Lyrics

विंध्याचल चालीसा माता विंध्यवासिनी की आराधना का पावन स्तोत्र है। विंध्याचल में विराजमान माता के भक्त इस चालीसा का पाठ श्रद्धा से करते हैं। माना जाता है कि vindhyachal chalisa lyrics का नित्य पाठ करने से भय, कष्ट और बाधाएँ दूर होती हैं तथा मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

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विंध्याचल चालीसा (Vindhyachal Chalisa Lyrics in Hindi)

दोहा:
जय जय विंध्यवासिनी, करहु भक्त हित काज।
विघ्न विनाशन मातु तू, रखियो जन की लाज॥

चौपाई:
जय जय जय गिरिराज किशोरी।
जगदंबे करहु नित भोरी॥
विंध्यवासिनी नाम तुम्हारा।
भक्तन हित करहु उद्धारा॥

सिंह वाहिनी मात भवानी।
भव सागर से पार लगानी॥
दीन दयालु दया की खानी।
करहु कृपा हे महामाई॥

नित्य पूज्य हो तुम जग माता।
सकल लोक की भाग्य विधाता॥
जो जन ध्यावे सच्चे मन से।
दुख-दरिद्र सब जाए क्षण से॥

रोग-शोक सब दूर भगाओ।
सुख-समृद्धि घर-घर बसाओ॥
भक्त वत्सला शरण तुम्हारी।
रक्षा करो माँ महाशक्ति॥

धूप-दीप नैवेद्य चढ़ावे।
मन-वांछित फल तुरत पावे॥
जय जय विंध्याचल की रानी।
भव बंधन काटहु भवानी॥

दोहा:
जो यह चालीसा पढ़े, श्रद्धा सहित सदा।
माता कृपा बरसावे, जीवन हो सुखदा॥

नोट: ऊपर दी गई vindhyachal chalisa lyrics in hindi भक्तिपूर्ण पाठ हेतु प्रस्तुत हैं, भाषा सरल रखी गई है ताकि हर भक्त आसानी से पढ़ सके।

विंध्याचल चालीसा का महत्व

  • माता विंध्यवासिनी की कृपा प्राप्त होती है
  • मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ता है
  • संकट, भय और नकारात्मकता से रक्षा
  • गृहस्थ जीवन में सुख-समृद्धि

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पाठ करने का सरल तरीका

  • प्रातः या संध्या के समय शांत मन से पाठ करें
  • दीपक व धूप अर्पित करें
  • अंत में माता से क्षमा-प्रार्थना करें

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