
विनायक चतुर्थी का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर बुद्धि, सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां पूजा का पूरा फल नहीं मिलने देतीं। इसलिए इस दिन पूजा के सही भोग और नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
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गणेश जी को प्रिय भोग
मान्यता है कि भगवान गणेश को कुछ विशेष चीजें बहुत प्रिय हैं। पूजा में इनका भोग लगाने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं।
- मोदक और लड्डू – यह गणेश जी का सबसे प्रिय भोग माना जाता है।
- दूर्वा घास – 21 या 24 दूर्वा अर्पित करना शुभ होता है।
- गुड़ और बेसन से बने पकवान – घर में बने सात्विक भोग श्रेष्ठ माने जाते हैं।
- फल और मिठाई – ताजे और शुद्ध फल ही अर्पित करें।
विनायक चतुर्थी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां
पूजा के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि पूजा निष्फल न हो।
- तुलसी का प्रयोग न करें – गणेश पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना गया है।
- चंद्रमा के दर्शन से बचें – मान्यता है कि चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने से कलंक लग सकता है।
- बासी या अशुद्ध भोग न चढ़ाएं – हमेशा ताजा और शुद्ध भोजन ही अर्पित करें।
- काले रंग के वस्त्र न पहनें – पूजा के समय हल्के और शुभ रंगों के कपड़े पहनना बेहतर होता है।
- पूजा में जल्दबाजी न करें – मन शांत रखकर श्रद्धा से पूजा करें।
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सही विधि से पूजा करने का लाभ
यदि विनायक चतुर्थी पर श्रद्धा, नियम और सही भोग के साथ पूजा की जाए तो जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, कार्यों में सफलता मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
