Pradosh Vrat 2026: इस शुभ दिन करें चालीसा का पाठ, दांपत्य जीवन की परेशानियां होंगी खत्म

Pradosh Vrat 2026

शनि प्रदोष व्रत कब है?

  • प्रदोष व्रत 2026 का शनि प्रदोष व्रत शनिवार, 14 फरवरी 2026 को है।
  • इस दिन त्रयोदशी तिथि और प्रदोष काल में व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

यदि आप ‘Hanuman Chalisa’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें —  Hanuman Chalisa

प्रदोष व्रत क्या है?

  • प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र उपवास है।
  • हर महीने की त्रयोदशी तिथि (कृष्ण और शुक्ल पक्ष) के दिन यह व्रत रखा जाता है।
  • जब यह तिथि शनि‌वार (शनिवार) के दिन आती है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं।

इस दिन क्या करें?

  1. प्रातः स्नान करने के बाद उपवास रखें और दिन भर सरल भोजन करें या फलाहार अपनाएँ।
  2. शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
  3. इस दिन पार्वती चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

श्रद्धा और लाभ

  • मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखने से शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त होती है
  • विशेष रूप से पार्वती चालीसा का पाठ करने से घर में खुशियाँ बढ़ती हैं और वैवाहिक जीवन के कठिनाइयाँ कम होती हैं।

यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat

प्रदोष काल कब होता है?

  • प्रदोष काल वह समय है जब सूर्य अस्त होने के बाद तिथि और समय एक साथ ठीक रहते हैं
  • अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त का समय अलग होता है, इसलिए स्थानीय सुबह-शाम के अनुसार प्रदोष काल देखें

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top