
Pitru Stotra in Hindi हिंदू धर्म में पितरों को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र माना जाता है। सनातन परंपरा में यह विश्वास है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति से pitru stotra का पाठ करता है, उसके जीवन से पितृ दोष कम होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
पितरों का आशीर्वाद जीवन में स्थिरता, स्वास्थ्य और उन्नति प्रदान करता है। इसलिए विशेष रूप से अमावस्या, पितृ पक्ष, श्राद्ध या तर्पण के समय pitru stotra in hindi का पाठ करना शुभ फलदायी माना जाता है।
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पितृ स्तोत्र का महत्व
धर्मग्रंथों में पितरों को देवताओं के समान सम्मान दिया गया है। कहा जाता है कि यदि पितर प्रसन्न हों तो व्यक्ति के सभी कार्य बिना बाधा के पूर्ण होते हैं।
pitru stotra का नियमित पाठ करने से:
- पितृ दोष शांत होता है
- परिवार में शांति और सौहार्द बढ़ता है
- आर्थिक समस्याएं कम होती हैं
- संतान सुख की प्राप्ति होती है
- मानसिक तनाव दूर होता है
Pitru Stotra in Hindi (पितृ स्तोत्र)
नीचे सरल और प्रचलित पितृ स्तोत्र प्रस्तुत है:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।
नमस्ते पितृभ्यः स्वधाभ्यः स्वधायै नमो नमः।
ये पितरः स्वर्गलोकस्था ये च भूमौ प्रतिष्ठिताः।
ये च नित्यं स्मृताः सर्वे तेषां नमो नमः॥
पितृदेवो भव।
पितृ कृपा प्रसादेन सर्वं सिद्धिं लभेत नरः॥
(आप इस स्तोत्र का 11, 21 या 108 बार जप कर सकते हैं।)
पितृ स्तोत्र पाठ की विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करें।
- तिल और जल से तर्पण करें।
- श्रद्धा से pitru stotra in hindi का पाठ करें।
कब करें Pitru Stotra का पाठ?
- पितृ पक्ष में प्रतिदिन
- अमावस्या के दिन
- श्राद्ध के समय
- किसी शुभ कार्य से पहले
नियमित रूप से pitru stotra का पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पितरों की कृपा से सभी बाधाएं दूर होती हैं।
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निष्कर्ष
यदि आप अपने जीवन में शांति, समृद्धि और पितरों का आशीर्वाद चाहते हैं तो प्रतिदिन या विशेष अवसरों पर pitru stotra in hindi का श्रद्धापूर्वक पाठ अवश्य करें। यह केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक दिव्य माध्यम है।


