Navratri 2026 Day 5: मां स्कंदमाता की पूजा से मिलेगी संतान सुख और सफलता! जानें विधि, मुहूर्त और लाभ

Navratri

चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन देवी दुर्गा के मातृत्व स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित होता है। यह दिन प्रेम, करुणा और संतान सुख का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान संबंधी सभी परेशानियां दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

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मां स्कंदमाता कौन हैं?

मां स्कंदमाता देवी दुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं। ये भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं, इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है।

ये अपनी गोद में बाल स्कंद (कार्तिकेय) को धारण करती हैं, जो मातृत्व और सुरक्षा का प्रतीक है।

इनकी सवारी सिंह है और इनके चार हाथ होते हैं, जिनमें कमल पुष्प होता है, इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है।

Navratri Day 5 शुभ मुहूर्त 2026

  • पूजा का शुभ समय: सुबह 06:00 से 11:00 बजे तक (लगभग)
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:55 बजे तक

सुबह पूजा करना सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है।

मां स्कंदमाता पूजा विधि

1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें

इस दिन पीला या सफेद रंग पहनना शुभ माना जाता है।

2. पूजा स्थान तैयार करें

मां स्कंदमाता की मूर्ति या तस्वीर को साफ चौकी पर स्थापित करें।

3. ध्यान और आवाहन करें

हाथ जोड़कर मां का ध्यान करें और उन्हें अपने घर में आमंत्रित करें।

4. पूजन सामग्री अर्पित करें

  • पीले फूल
  • अक्षत
  • चंदन
  • धूप-दीप
  • कुमकुम

5. मंत्र जाप करें

“ॐ देवी स्कंदमातायै नमः”

इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

6. भोग लगाएं

मां को केले (Banana) का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

7. आरती करें

दीपक जलाकर मां की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

मां स्कंदमाता को क्या भोग लगाएं?

पांचवें दिन मां को केला अर्पित करना चाहिए।

इससे

  • संतान सुख की प्राप्ति होती है
  • परिवार में खुशहाली आती है
  • स्वास्थ्य अच्छा रहता है

Navratri Day 5 का शुभ रंग

पांचवें दिन का शुभ रंग सफेद (White) माना जाता है।

यह रंग शांति, पवित्रता और सकारात्मकता का प्रतीक है।

मां स्कंदमाता पूजा के चमत्कारी लाभ

  • संतान सुख की प्राप्ति
  • परिवार में सुख-शांति
  • करियर और जीवन में सफलता
  • मानसिक शांति
  • आध्यात्मिक उन्नति

पूजा में ध्यान रखने वाली बातें

  • पूजा के समय मन शांत रखें
  • सात्विक भोजन का सेवन करें
  • किसी का अपमान न करें
  • घर में साफ-सफाई रखें

आध्यात्मिक महत्व

मां स्कंदमाता का स्वरूप हमें मातृत्व, प्रेम और त्याग का महत्व सिखाता है।

यह दिन हमें यह समझाता है कि सच्चा प्रेम और करुणा जीवन में सबसे बड़ी शक्ति होती है।

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व्रत रखने वालों के लिए नियम

  • फलाहार करें या एक समय भोजन लें
  • सेंधा नमक का उपयोग करें
  • लहसुन-प्याज से परहेज करें
  • मन को शांत और सकारात्मक रखें

निष्कर्ष

नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता की पूजा का दिन है। यह दिन जीवन में प्रेम, शांति और सुख लाता है।

अगर आप इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं, तो मां की कृपा से आपके जीवन में खुशहाली और सफलता का आगमन होता है।

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