
चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन मां दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है। यह दिन साहस, वीरता और भय से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि जो भक्त इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करता है, उसके जीवन के सभी डर, बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां समाप्त हो जाती हैं।
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मां चंद्रघंटा कौन हैं?
मां चंद्रघंटा देवी दुर्गा का तीसरा स्वरूप हैं। इनके मस्तक पर अर्धचंद्र (घंटा के आकार का) विराजमान होता है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
इनकी सवारी सिंह है और इनके दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र होते हैं। यह स्वरूप युद्ध के लिए सदैव तैयार रहता है और अपने भक्तों की रक्षा करता है।
इनकी पूजा से साहस, आत्मविश्वास और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
Navratri Day 3 शुभ मुहूर्त 2026
- पूजा का शुभ समय: सुबह 06:00 से 11:00 बजे तक (लगभग)
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:55 बजे तक
सुबह का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
मां चंद्रघंटा पूजा विधि
1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
लाल या सुनहरे रंग के वस्त्र पहनना इस दिन शुभ माना जाता है।
2. पूजा स्थान तैयार करें
मां चंद्रघंटा की मूर्ति या तस्वीर को साफ चौकी पर स्थापित करें।
3. ध्यान और आवाहन करें
हाथ जोड़कर मां का ध्यान करें और उन्हें अपने घर में आमंत्रित करें।
4. पूजन सामग्री अर्पित करें
- लाल फूल
- अक्षत
- चंदन
- धूप-दीप
- कुमकुम
5. मंत्र जाप करें
“ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः”
इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
6. भोग लगाएं
मां को दूध, खीर और मिठाई का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
7. आरती करें
दीपक जलाकर मां की आरती करें और प्रसाद बांटें।
मां चंद्रघंटा को क्या भोग लगाएं?
तीसरे दिन मां को दूध या दूध से बने व्यंजन (खीर) अर्पित करना चाहिए।
इससे
- भय दूर होता है
- मन शांत होता है
- घर में सुख-शांति आती है
Navratri Day 3 का शुभ रंग
तीसरे दिन का शुभ रंग ग्रे (Grey) माना जाता है।
यह रंग संतुलन और शक्ति का प्रतीक है।
मां चंद्रघंटा पूजा के चमत्कारी लाभ
- सभी प्रकार के भय से मुक्ति
- शत्रुओं पर विजय
- आत्मविश्वास में वृद्धि
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश
- जीवन में साहस और शक्ति
पूजा में ध्यान रखने वाली बातें
- पूजा के समय डर या नकारात्मक सोच न रखें
- मां के सामने सच्चे मन से प्रार्थना करें
- सात्विक जीवनशैली अपनाएं
- किसी का अपमान या बुरा न करें
आध्यात्मिक महत्व
मां चंद्रघंटा का स्वरूप हमें यह सिखाता है कि जीवन में डर से लड़ना जरूरी है।
यह दिन हमें यह संदेश देता है कि अगर हमारे अंदर साहस और विश्वास है, तो कोई भी समस्या बड़ी नहीं होती।
व्रत रखने वालों के लिए नियम
- दूध और फलाहार का सेवन करें
- नमक की जगह सेंधा नमक लें
- मन को शांत और सकारात्मक रखें
- क्रोध और नकारात्मकता से दूर रहें
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निष्कर्ष
नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की आराधना का दिन है। यह दिन हमें साहस, शक्ति और निर्भयता प्रदान करता है।
अगर आप इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं, तो मां आपकी हर बाधा दूर कर देती हैं और जीवन में सफलता के मार्ग खोल देती हैं।
