
हिंदू धर्म में कुछ समय ऐसे होते हैं जब शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इन्हीं में से एक है खरमास, जिसे कई लोग “काला महीना” भी कहते हैं।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य एक विशेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह समय शुरू होता है और कई शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
साल 2026 में मीन संक्रांति के साथ खरमास की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि इस दौरान क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए।
आइए जानते हैं खरमास का महत्व और वे 5 गलतियां जिनसे आपको इस दौरान जरूर बचना चाहिए।
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खरमास क्या होता है?
सूर्य की चाल से जुड़ा है खरमास
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु (बृहस्पति) की राशियों — धनु या मीन — में प्रवेश करते हैं, तब उस अवधि को खरमास कहा जाता है।
इस दौरान सूर्य की स्थिति को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
2026 में कब से शुरू होगा खरमास?
ज्योतिष गणना के अनुसार मीन संक्रांति के साथ खरमास शुरू होगा। यह अवधि लगभग एक महीने तक रहती है और इसके बाद सूर्य के अगली राशि में प्रवेश करते ही समाप्त हो जाती है।
खरमास को क्यों कहा जाता है काला महीना?
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय सूर्य देव अपने रथ के घोड़ों को विश्राम देते हैं और गधों (खर) से रथ को खिंचवाते हैं।
इसी कारण इस अवधि को खरमास कहा जाता है।
मान्यता है कि इस समय ऊर्जा कमजोर होती है, इसलिए नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
खरमास में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
खरमास के दौरान कुछ कामों को करना अशुभ माना गया है। अगर इन नियमों का पालन किया जाए तो जीवन में आने वाली कई परेशानियों से बचा जा सकता है।
1. विवाह और मांगलिक कार्य न करें
खरमास के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
ज्योतिष मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए कामों में बाधाएं आ सकती हैं।
2. नया घर या जमीन न खरीदें
इस समय नया घर, जमीन या वाहन खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
कहा जाता है कि इस दौरान किए गए निवेश से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
3. नया बिजनेस शुरू करने से बचें
अगर आप कोई नया व्यापार शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो खरमास खत्म होने का इंतजार करना बेहतर माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए कामों में स्थिरता कम रहती है।
4. अनावश्यक खर्च से बचें
खरमास के दौरान फिजूल खर्च या बड़े आर्थिक निर्णय लेने से बचना चाहिए।
यह समय संयम और साधना का माना जाता है।
5. धर्म और पूजा से दूरी न बनाएं
हालांकि शुभ कार्यों पर रोक होती है, लेकिन भक्ति और पूजा-पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है।
इस दौरान भगवान विष्णु, सूर्य देव और गुरु ग्रह की पूजा करने से सकारात्मक फल मिलते हैं।
खरमास में क्या करना चाहिए?
दान और सेवा का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार खरमास में दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।
जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
भगवान विष्णु की पूजा करें
खरमास को भगवान विष्णु की आराधना के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।
नियमित रूप से विष्णु सहस्रनाम या गीता पाठ करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।
साधना और आत्मचिंतन का समय
यह समय केवल रोक-टोक का नहीं बल्कि आत्मिक विकास का अवसर भी है।
अगर इस अवधि में ध्यान, जप और साधना की जाए तो मन को शांति मिलती है।
खरमास से जुड़ी एक रोचक कथा
पुराणों के अनुसार एक बार सूर्य देव के रथ के घोड़े बहुत थक गए। तब सूर्य देव ने कुछ समय के लिए उन्हें आराम दिया और रथ को गधों से चलाया।
चूंकि गधे को संस्कृत में “खर” कहा जाता है, इसलिए उस अवधि को खरमास कहा जाने लगा।
तब से यह मान्यता चली आ रही है कि इस समय नए कार्य शुरू करने की बजाय भक्ति और साधना पर ध्यान देना चाहिए।
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FAQ
1. खरमास 2026 कब से शुरू होगा?
मीन संक्रांति के साथ खरमास की शुरुआत होगी और यह लगभग एक महीने तक रहेगा।
2. क्या खरमास में शादी करना शुभ होता है?
नहीं, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार खरमास में विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
3. खरमास में कौन से काम करना शुभ माना जाता है?
इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य, जप, ध्यान और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।
Conclusion
खरमास को कई लोग अशुभ समय मानते हैं, लेकिन वास्तव में यह आत्मचिंतन और भक्ति का महीना है।
इस दौरान अगर आप कुछ नियमों का पालन करें और ऊपर बताई गई 5 गलतियों से बचें, तो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
धर्म और ज्योतिष के अनुसार यह समय हमें यह सिखाता है कि कभी-कभी रुकना भी आगे बढ़ने का ही एक तरीका होता है।


