
साल 2026 में Holika Dahan का पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है। इस बार होलिका दहन के दिन ही चंद्र ग्रहण का प्रभाव देखने को मिलेगा, जिससे श्रद्धालुओं के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि दहन का शुभ समय क्या होगा और पूजा-विधि किस प्रकार की जाए। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल का धार्मिक अनुष्ठानों पर विशेष प्रभाव पड़ता है, इसलिए सही मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत आवश्यक माना गया है।
यदि आप ‘Chandra Grahan 2026’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें — Chandra Grahan 2026
Holika Dahan 2026 का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल के दौरान होलिका दहन का विधान है।
- भद्रा समाप्ति के बाद ही दहन करना शुभ माना जाता है।
- यदि ग्रहण काल भद्रा के बाद लगे, तो ग्रहण शुरू होने से पहले होलिका दहन कर लेना चाहिए।
(सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें।)
होलिका दहन की विधि
- सबसे पहले पूजा स्थल को शुद्ध करें।
- लकड़ी और उपलों से होलिका सजाएं।
- कच्चा सूत, रोली, अक्षत, गुड़ और चना अर्पित करें।
- परिवार के सदस्य परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
- अग्नि प्रज्वलित कर प्रह्लाद की भक्ति और असत्य पर सत्य की विजय का स्मरण करें।
ग्रहण के दौरान क्या करें?
- ग्रहण काल में पूजा-पाठ और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर घर की शुद्धि करें।
- मंदिरों की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें।
यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat
धार्मिक महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। प्रह्लाद की अटूट भक्ति और होलिका के दहन की कथा आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
