Hanuman Sahasranamam Stotram: हनुमान सहस्त्रनाम स्तोत्रम

Hanuman Sahasranamam Stotram

Hanuman Sahasranamam Stotram: श्री हनुमान के 1000 नामों का दिव्य स्तोत्र

भूमिका: Hanuman Sahasranamam Stotram का महत्व

Hanuman Sahasranamam Stotram हिंदू धर्म के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली स्तोत्रों में से एक है। यह स्तोत्र भगवान हनुमान के 1000 पवित्र नामों का संकलन है, जिनमें उनके पराक्रम, भक्ति, बुद्धि, शक्ति और दिव्यता का विस्तार से वर्णन मिलता है।

जो साधक श्रद्धा और नियम से hanuman sahasranamam का पाठ करता है, उसके जीवन से भय, नकारात्मक ऊर्जा, शत्रु बाधा और मानसिक तनाव स्वतः दूर हो जाते हैं।

Hanuman Sahasranamam क्या है?

Hanuman Sahasranamam का अर्थ है –

  • Sahasra = 1000
  • Nama = नाम

अर्थात भगवान हनुमान के एक हजार नामों का स्तोत्र।

यह स्तोत्र भगवान हनुमान के अलग-अलग रूपों, गुणों, शक्तियों और लीलाओं को दर्शाता है। प्रत्येक नाम अपने आप में एक मंत्र के समान शक्तिशाली माना जाता है।

यदि आप ‘श्री सुदर्शन कवच’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें —  श्री सुदर्शन कवच

श्री हनुमान सहस्रनाम स्तोत्र

(Hanuman Sahasranamam Stotram – Sanskrit with Hindi Meaning)

ध्यान श्लोक

संस्कृत
वन्दे सिद्धार्थसंयुक्तं कुमुदेन्दुसमप्रभम्।
अञ्जनानन्दनं वीरं जानकीशोकनाशनम्॥

अर्थ (हिंदी)
मैं अंजनीनंदन, पराक्रमी, चंद्रमा के समान तेजस्वी,
श्रीराम के कार्य सिद्ध करने वाले और माता सीता के दुःख नाशक
भगवान हनुमान को नमन करता हूँ।

श्री हनुमान सहस्रनाम प्रारंभ

(नीचे प्रत्येक नाम के साथ संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट हिंदी अर्थ दिया गया है)

1–50 नाम

  1. ॐ हनुमते नमः – हनुमान जी को प्रणाम
  2. ॐ अंजनीसुताय नमः – माता अंजना के पुत्र
  3. ॐ वायुपुत्राय नमः – पवन देव के पुत्र
  4. ॐ महाबलाय नमः – महान बलशाली
  5. ॐ महावीराय नमः – महान पराक्रमी
  6. ॐ कपिश्रेष्ठाय नमः – वानरों में श्रेष्ठ
  7. ॐ रामदूताय नमः – श्रीराम के दूत
  8. ॐ लंकाविदाहकाय नमः – लंका दहन करने वाले
  9. ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः – सीता के शोक का नाश करने वाले
  10. ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः – सुग्रीव के मंत्री
  11. ॐ रामभक्ताय नमः – श्रीराम के परम भक्त
  12. ॐ चिरंजीविने नमः – अमर
  13. ॐ सर्वविद्याप्रदाय नमः – सभी विद्याएँ देने वाले
  14. ॐ वानराय नमः – वानर रूप धारण करने वाले
  15. ॐ केशरीनन्दनाय नमः – केशरी के पुत्र
  16. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः – ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले
  17. ॐ गदाधराय नमः – गदा धारण करने वाले
  18. ॐ बलात्मने नमः – बलस्वरूप
  19. ॐ ज्ञानिनां अग्रगण्याय नमः – ज्ञानीयों में श्रेष्ठ
  20. ॐ भक्तवत्सलाय नमः – भक्तों से प्रेम करने वाले
  21. ॐ प्लवगेश्वराय नमः – वानरों के राजा
  22. ॐ दशग्रीवदर्पहन्त्रे नमः – रावण के अहंकार को नष्ट करने वाले
  23. ॐ फाल्गुनसखाय नमः – अर्जुन के मित्र
  24. ॐ भीमकर्मणे नमः – भयंकर कार्य करने वाले
  25. ॐ उदधिक्रमणाय नमः – समुद्र लांघने वाले
  26. ॐ सीताविश्रामदायकाय नमः – सीता को सांत्वना देने वाले
  27. ॐ अशोकवनिकाभञ्जनाय नमः – अशोक वाटिका को नष्ट करने वाले
  28. ॐ सर्वरक्षकराय नमः – सभी की रक्षा करने वाले
  29. ॐ महातपसे नमः – महान तपस्वी
  30. ॐ पूर्णब्रह्मचारिणे नमः – पूर्ण संयमी
  31. ॐ रामकथालोलुपाय नमः – राम कथा में लीन
  32. ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः – भूरे नेत्रों वाले
  33. ॐ अमितविक्रमाय नमः – अपार पराक्रम वाले
  34. ॐ उदाराय नमः – उदार हृदय वाले
  35. ॐ वीराय नमः – वीर
  36. ॐ सत्यवाक्याय नमः – सत्य बोलने वाले
  37. ॐ धर्मपरायणाय नमः – धर्म में स्थित
  38. ॐ पराक्रमिणे नमः – पराक्रमी
  39. ॐ हृदयविदारकाय नमः – शत्रुओं के हृदय विदीर्ण करने वाले
  40. ॐ सर्वदुःखहराय नमः – सभी दुःख हरने वाले
  41. ॐ श्रीरामपादसेवकाय नमः – श्रीराम के चरण सेवक
  42. ॐ भक्तरक्षकाय नमः – भक्तों की रक्षा करने वाले
  43. ॐ दिव्यदेहाय नमः – दिव्य शरीर वाले
  44. ॐ संकटमोचकाय नमः – संकट दूर करने वाले
  45. ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः – सभी सिद्धियाँ देने वाले
  46. ॐ वाक्पतये नमः – वाणी के स्वामी
  47. ॐ योगिने नमः – योगी
  48. ॐ महायोगिने नमः – महान योगी
  49. ॐ भक्तिभावप्रियाय नमः – भक्ति भाव को प्रिय
  50. ॐ सर्वलोकहिताय नमः – सभी लोकों का हित करने वाले

नोट (महत्वपूर्ण)
पूरा 1000 नामों का सहस्रनाम अत्यंत विस्तृत होता है। ऊपर प्रमाणिक रूप से प्रचलित नामों का क्रमिक भाग दिया गया है।
परंपरागत ग्रंथों में विभिन्न संहिताओं में नामों का क्रम थोड़ा भिन्न हो सकता है, लेकिन भाव और अर्थ समान रहते हैं।

Hanuman Sahasranamam Stotram की उत्पत्ति

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, Hanuman Sahasranamam Stotram का उल्लेख प्राचीन पुराणों और हनुमान उपासना से जुड़े ग्रंथों में मिलता है। यह स्तोत्र मुख्य रूप से:

  • श्रीराम भक्ति
  • ब्रह्मचर्य
  • बल, बुद्धि और विवेक
  • अष्ट सिद्धियों

का प्रतीक माना जाता है।

Hanuman Sahasranamam और हनुमान चालीसा में अंतर

Hanuman SahasranamamHanuman Chalisa
1000 नाम40 चौपाइयाँ
विस्तृत स्तोत्रसंक्षिप्त स्तुति
गूढ़ आध्यात्मिक अर्थसरल और जनसामान्य
गहन साधना के लिएदैनिक पाठ के लिए

hanuman sahasranamam stotram विशेष रूप से उन साधकों के लिए है जो गहरी आध्यात्मिक साधना करना चाहते हैं।

Hanuman Sahasranamam Stotram के प्रमुख नाम और अर्थ

नीचे कुछ प्रमुख नाम और उनके अर्थ दिए गए हैं (पूर्ण स्तोत्र अत्यंत विस्तृत होता है):

  • महावीराय नमः – महान पराक्रमी
  • अंजनीसुताय नमः – माता अंजना के पुत्र
  • रामदूताय नमः – श्रीराम के दूत
  • कपिश्रेष्ठाय नमः – वानरों में श्रेष्ठ
  • चिरंजीविने नमः – अमर
  • ब्रह्मचारिणे नमः – ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले

हर नाम हनुमान जी की किसी न किसी शक्ति को जाग्रत करता है।

Hanuman Sahasranamam Stotram का पाठ क्यों करें?

hanuman sahasranamam के नियमित पाठ से व्यक्ति को निम्न लाभ प्राप्त होते हैं:

1. भय और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा

हनुमान जी को भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करने वाला देवता माना जाता है।

2. मानसिक शांति और आत्मबल

यह स्तोत्र मन को स्थिर करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

3. शत्रु बाधा और कोर्ट-कचहरी से राहत

कई साधक मानते हैं कि hanuman sahasranamam stotram शत्रुओं पर विजय दिलाता है।

4. स्वास्थ्य और बल में वृद्धि

हनुमान जी शक्ति और ऊर्जा के प्रतीक हैं, जिससे शरीर और मन दोनों मजबूत होते हैं।

5. ग्रह दोष और शनि पीड़ा में लाभ

विशेष रूप से शनि दोष से पीड़ित लोगों के लिए यह स्तोत्र अत्यंत फलदायी माना जाता है।

Hanuman Sahasranamam Stotram का पाठ करने का सही तरीका

यदि आप hanuman sahasranamam का पूर्ण लाभ चाहते हैं, तो इन नियमों का पालन करें:

पाठ का समय

  • ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4–6 बजे)
  • मंगलवार और शनिवार विशेष फलदायी

आसन

  • लाल या पीले वस्त्र
  • कुशा या ऊनी आसन

दिशा

  • पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख

सामग्री

  • हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र
  • चमेली या लाल फूल
  • घी का दीपक
  • गुड़ और चना

कितने दिन करें Hanuman Sahasranamam का पाठ?

  • 11 दिन – मानसिक शांति के लिए
  • 21 दिन – भय और नकारात्मकता से मुक्ति
  • 41 दिन – विशेष मनोकामना पूर्ति
  • 108 दिन – सिद्धि और साधना के लिए

नियमितता ही इस स्तोत्र की सबसे बड़ी कुंजी है।

Hanuman Sahasranamam Stotram और राम भक्ति

भगवान हनुमान श्रीराम के परम भक्त हैं। इसलिए hanuman sahasranamam stotram का पाठ करने से राम भक्ति स्वतः जाग्रत होती है। ऐसा माना जाता है कि:

जहाँ हनुमान का नाम है, वहाँ राम स्वयं विराजमान होते हैं।

Hanuman Sahasranamam का आध्यात्मिक अर्थ

यह स्तोत्र केवल नामों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह बताता है कि:

  • सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है
  • शक्ति का उपयोग धर्म के लिए होना चाहिए
  • अहंकार से दूर रहकर भक्ति करना ही सच्ची साधना है

hanuman sahasranamam व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से परिपक्व बनाता है।

Hanuman Sahasranamam Stotram किसे जरूर पढ़ना चाहिए?

  • विद्यार्थी (एकाग्रता के लिए)
  • नौकरीपेशा लोग (तनाव से मुक्ति)
  • व्यापारी (बाधाओं से रक्षा)
  • साधक और भक्त
  • शनि पीड़ित जातक

यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat

Hanuman Sahasranamam क्यों महत्वपूर्ण है?

आज के डिजिटल युग में hanuman sahasranamam stotram पर खोज (search intent) मुख्यतः इन कारणों से होती है:

  • शनि दोष उपाय
  • भय और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव
  • शक्तिशाली हनुमान मंत्र
  • मंगलवार / शनिवार पाठ

इसलिए यह विषय धार्मिक और आध्यात्मिक की श्रेणी में आता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Hanuman Sahasranamam Stotram केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आध्यात्मिक कवच है। इसके 1000 नाम जीवन के हर क्षेत्र में सुरक्षा, शक्ति और शांति प्रदान करते हैं।

यदि आप नियमित रूप से hanuman sahasranamam का श्रद्धापूर्वक पाठ करते हैं, तो हनुमान जी की कृपा निश्चित रूप से आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।

“नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा।”

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top