
23 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शाम 06:38 बजे तक रहेगी, उसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन कृत्तिका नक्षत्र रात 08:49 बजे तक रहेगा और उसके बाद रोहिणी नक्षत्र लगेगा। योग की बात करें तो विष्कुम्भ योग दोपहर 12:21 बजे तक रहेगा, इसके बाद प्रीति योग शुरू होगा, जिसे शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। करण में बव करण सुबह 07:57 बजे तक रहेगा, उसके बाद बालव करण शाम 06:38 बजे तक, फिर कौलव करण सुबह 05:22 बजे तक और उसके बाद तैतिल करण लगेगा। इस दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा और चंद्रमा पूरे दिन-रात वृषभ राशि में संचार करेगा।
दिन में कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें ज्योतिष के अनुसार अशुभ माना जाता है, इसलिए इन समयों में नए या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए। यमगण्ड सुबह 11:03 से 12:33 बजे तक रहेगा, कुलिक काल दोपहर 02:03 से 03:34 बजे तक रहेगा। वहीं दुर्मुहूर्त दोपहर 12:57 से 01:45 बजे तक और 03:22 से 04:10 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् सुबह 09:45 से 11:13 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए ठीक नहीं माना जाता। जिन लोगों का चित्रा के अंतिम 2 चरण, स्वाति और विशाखा के पहले 3 चरण नक्षत्र है, उनके लिए यह समय चंद्राष्टम का प्रभाव दे सकता है, इसलिए थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ समय की बात करें तो इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:54 से 05:42 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 से 12:57 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य शुरू किए जा सकते हैं। वहीं अमृत काल शाम 06:35 से 08:04 बजे तक रहेगा, जो अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा आनन्दादि योग में सुस्थिर योग रात 08:49 बजे तक रहेगा और उसके बाद वर्धमान योग बनेगा। साथ ही 23 मार्च रात 08:49 बजे से 24 मार्च सुबह 06:30 बजे तक रोहिणी नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है, जिसे बहुत ही शुभ और सफलता देने वाला योग माना जाता है।
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