Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा की पूजा से खुलेगा किस्मत का द्वार! जानें विधि, मुहूर्त और चमत्कारी लाभ

Navratri

चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन देवी दुर्गा के दिव्य स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित होता है। यह दिन सृजन, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। इसलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति कहा जाता है।

अगर इस दिन सही विधि से पूजा की जाए, तो जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता का आगमन होता है।

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मां कूष्मांडा कौन हैं?

मां कूष्मांडा देवी दुर्गा का चौथा स्वरूप हैं। “कूष्मांडा” का अर्थ होता है — कुम्हड़ा (कद्दू) से उत्पन्न ऊर्जा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां ने अपनी मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति की।

इनकी सवारी सिंह है और इनके आठ हाथ होते हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है।

Navratri Day 4 शुभ मुहूर्त 2026

  • पूजा का शुभ समय: सुबह 06:00 से 11:00 बजे तक (लगभग)
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:55 बजे तक

सुबह का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।

मां कूष्मांडा पूजा विधि (Step-by-Step Detailed)

1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें

इस दिन हरा या नारंगी रंग पहनना शुभ माना जाता है।

2. पूजा स्थान तैयार करें

मां कूष्मांडा की मूर्ति या तस्वीर को चौकी पर स्थापित करें।

3. ध्यान और आवाहन करें

हाथ जोड़कर मां का ध्यान करें और उन्हें अपने घर में आमंत्रित करें।

4. पूजन सामग्री अर्पित करें

  • फूल (विशेष रूप से लाल या पीले)
  • अक्षत
  • कुमकुम
  • चंदन
  • धूप-दीप

5. मंत्र जाप करें

“ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः”

इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

6. भोग लगाएं

मां को मालपुआ और मीठे व्यंजन अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

7. आरती करें

दीपक जलाकर मां की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

मां कूष्मांडा को क्या भोग लगाएं?

इस दिन मां को मालपुआ या मीठे पकवान अर्पित करने का विशेष महत्व है।

इससे

  • घर में धन-धान्य बढ़ता है
  • स्वास्थ्य अच्छा रहता है
  • परिवार में सुख-समृद्धि आती है

Navratri Day 4 का शुभ रंग

चौथे दिन का शुभ रंग नारंगी (Orange) माना जाता है।

यह रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है।

मां कूष्मांडा पूजा के चमत्कारी लाभ

  • धन और समृद्धि में वृद्धि
  • स्वास्थ्य में सुधार
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा
  • सफलता और उन्नति
  • घर में खुशहाली

पूजा में ध्यान रखने वाली बातें

  • पूजा के समय मन को शांत रखें
  • घर में साफ-सफाई रखें
  • सात्विक भोजन का सेवन करें
  • किसी का अपमान न करें

आध्यात्मिक महत्व

मां कूष्मांडा हमें यह सिखाती हैं कि छोटी सी सकारात्मक सोच भी बड़े बदलाव ला सकती है।

जैसे मां ने अपनी मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की, वैसे ही हम भी सकारात्मक दृष्टिकोण से अपने जीवन को बदल सकते हैं।

व्रत रखने वालों के लिए नियम

  • फलाहार या हल्का सात्विक भोजन करें
  • लहसुन-प्याज से परहेज करें
  • सेंधा नमक का उपयोग करें
  • मन और विचारों को शुद्ध रखें

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निष्कर्ष

नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा की आराधना का दिन है। यह दिन जीवन में ऊर्जा, समृद्धि और खुशहाली लाता है।

अगर आप इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं, तो मां की कृपा से आपके जीवन में सुख, सफलता और शांति का आगमन होता है।

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