Navratri 2026 Kanya Pujan: नवरात्रि में कन्या पूजन क्यों किया जाता है? जानें 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को क्या कहा जाता है

Navratri 2026 Kanya Pujan

चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्रि के अंतिम दिनों में भक्त छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि Navratri 2026 Kanya Pujan की यह परंपरा कब से शुरू हुई और 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को अलग-अलग नामों से क्यों पूजा जाता है? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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नवरात्रि में कन्या पूजन की परंपरा कब शुरू हुई?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्या पूजन की परंपरा शक्ति उपासना से जुड़ी हुई है। शास्त्रों में कहा गया है कि छोटी कन्याओं में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों का वास होता है। इसलिए नवरात्रि के दौरान 9 कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है।

मान्यता है कि यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। पुराणों और देवी भागवत में भी कन्या पूजन का उल्लेख मिलता है। यह भी माना जाता है कि नवमी या अष्टमी तिथि को कन्याओं को भोजन कराने और उन्हें उपहार देने से देवी मां की कृपा प्राप्त होती है।

2 से 10 साल की कन्याओं के अलग-अलग नाम

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कन्या पूजन के दौरान हर आयु की कन्या को देवी का एक विशेष रूप माना गया है।

  • 2 वर्ष की कन्या – कुमारी
  • 3 वर्ष की कन्या – त्रिमूर्ति
  • 4 वर्ष की कन्या – कल्याणी
  • 5 वर्ष की कन्या – रोहिणी
  • 6 वर्ष की कन्या – कालिका
  • 7 वर्ष की कन्या – चंडिका
  • 8 वर्ष की कन्या – शांभवी
  • 9 वर्ष की कन्या – दुर्गा
  • 10 वर्ष की कन्या – सुभद्रा

इन कन्याओं की पूजा करने से अलग-अलग प्रकार के आशीर्वाद मिलने की मान्यता है।

कन्या पूजन कैसे किया जाता है?

नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन आमतौर पर अष्टमी या नवमी के दिन किया जाता है। इस दिन भक्त घर में कन्याओं को आमंत्रित करते हैं और उनकी पूजा करते हैं।

कन्या पूजन की सामान्य विधि इस प्रकार है—

  1. सबसे पहले कन्याओं के पैर धोए जाते हैं।
  2. उनके माथे पर रोली और अक्षत से तिलक लगाया जाता है।
  3. उन्हें फूल अर्पित किए जाते हैं।
  4. इसके बाद हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद खिलाया जाता है।
  5. अंत में उन्हें उपहार, दक्षिणा और चुनरी देकर विदा किया जाता है।

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कन्या पूजन का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में कन्या को देवी का स्वरूप माना गया है। इसलिए नवरात्रि में कन्या पूजन करने से—

  • घर में सुख-समृद्धि आती है
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
  • मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है

इसी वजह से Navratri 2026 Kanya Pujan का महत्व बहुत अधिक माना जाता है।

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