
17 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में लगने वाला सूर्य ग्रहण ज्योतिष के अनुसार विशेष प्रभावशाली माना जाता है। भले ही यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन ग्रहों की स्थिति सभी 12 राशियों पर असर डाल सकती है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, इसलिए ग्रहण का प्रभाव मानसिक, भावनात्मक और कार्यक्षेत्र पर महसूस किया जा सकता है।
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12 राशियाँ और ग्रहण का प्रभाव
- मेष (Aries): सामाजिक जीवन में बदलाव संभव, निवेश और खर्चों को लेकर सतर्क रहें।
- वृषभ (Taurus): नौकरी में दबाव या देरी, धैर्य बनाए रखें।
- मिथुन (Gemini): योजनाओं में परिवर्तन, आध्यात्मिक रुचि बढ़ सकती है।
- कर्क (Cancer): घर-परिवार में भावनात्मक उतार-चढ़ाव, पैसों के मामलों में सावधानी।
- सिंह (Leo): संबंधों में धैर्य की आवश्यकता, अहंकार से बचें।
- कन्या (Virgo): स्वास्थ्य का ध्यान, तनाव से बचें।
- तुला (Libra): रचनात्मकता अच्छी, लेकिन भावनात्मक उलझन हो सकती है।
- वृश्चिक (Scorpio): परिवार में शांति बनाये रखें।
- धनु (Sagittarius): बातचीत में सावधान, सकारात्मक रहें।
- मकर (Capricorn): वित्तीय अनुशासन जरूरी, फिजूल खर्ची से बचें।
- कुंभ (Aquarius): स्वयं को समझने का समय, बड़े बदलाव से बचें।
- मीन (Pisces): अध्यात्मिक झुकाव, मन को शांत रखें।
ग्रहण के दौरान नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय
वैदिक ज्योतिष में ग्रहण के समय कुछ उपाय करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और नकारात्मक प्रभाव कम होता है:
- गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और सूर्य मंत्र का जप करें।
- ध्यान, प्रार्थना और शांत समय बिताएं।
- दान करें – चावल, दूध, तिल, पीले वस्त्र या अन्य वस्तुएँ।
- अनावश्यक विवादों, तनाव और जल्दबाजी से बचें।
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ध्यान रखें: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है, न कि वैज्ञानिक पुष्ट तथ्यों पर। वैयक्तिक सलाह या दिशा-निर्देश के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श मददगार रहेगा।


