
महाशिवरात्रि कब है?
इस साल महाशिवरात्रि 15 फ़रवरी 2026 को मनाई जाएगी। यह त्योहार हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि पर होता है। इस दिन भक्त भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं।
यदि आप ‘Pradosh Vrat 2026’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें — Pradosh Vrat 2026
भद्रा काल — क्या है और कब रहेगा?
इस बार महाशिवरात्रि के दिन भद्रा योग भी बन रहा है, जिसके कारण कुछ लोगों में चिंता है कि क्या इससे पूजा या जल अभिषेक पर असर पड़ेगा?
ज्योतिष की मान्यता के अनुसार भद्रा काल का समय विशेष होता है, लेकिन इस वर्ष भद्रा का प्रभाव पाताल लोक में कहा गया है, जिससे इसका असर धरती पर नहीं पड़ेगा। इसलिए श्रद्धा और सही समय के साथ पूजा और अभिषेक किया जा सकता है।
जल अभिषेक का शुभ समय (मुहूर्त)
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल, दूध या पंचामृत से अभिषेक करना बेहद पुण्यदाई माना जाता है। इस वर्ष इसके लिए कई शुभ समय (मुहूर्त) निर्धारित किये गए हैं:
| अभिषेक समय (मुहूर्त) | समय / Hours |
|---|---|
| पहला शुभ मुहूर्त | सुबह 08:24 — 09:48 |
| दूसरा शुभ मुहूर्त | सुबह 09:48 — 11:11 |
| अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त | सुबह 11:11 — 12:35 |
| शाम का शुभ मुहूर्त | 18:11 — 19:47 |
इन समयों में शिवलिंग पर जल अर्पित करने से विशेष लाभ मिलता है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
क्या भद्रा का असर पूजा पर होगा?
भद्रा काल होने के बावजूद राहत की बात यह है कि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसका प्रभाव शिव पूजा और जल अभिषेक पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भद्रा इस बार नीचे-स्थानीय लोक (पाताल) में माना जा रहा है। इसलिए भक्त श्रद्धा के साथ पूजा और अभिषेक कर सकते हैं।
यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat
संक्षिप्त सार (क्यों जरूरी?)
- महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को है।
- भद्रा का योग है, पर इसका असर शिव पूजा पर नहीं है।
- शिवलिंग पर जल अभिषेक के कई शुभ समय हैं (सुबह से शाम तक)।
- श्रद्धा और विवेक से पूजा करें — यही सबसे महत्वपूर्ण है।
