
13 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन चंद्रमा धनु राशि में रहेगा और सुबह 03:03 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। दिन की शुरुआत में व्यातीपात योग सुबह 10:31 बजे तक रहेगा, इसके बाद वरीयान योग लगेगा। करण की बात करें तो वणिज करण शाम 7:24 बजे तक रहेगा और उसके बाद विष्टि करण शुरू होगा। इस दिन सूर्य कुंभ राशि में स्थित है, इसलिए कई ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण माना जाता है।
दिन में कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें अशुभ माना जाता है, इसलिए इन समयों में नए या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए। राहुकाल सुबह 11:07 से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगण्ड दोपहर 3:33 से 5:02 बजे तक, कुलिक काल सुबह 8:10 से 9:38 बजे तक और दुर्मुहूर्त 09:03 से 09:50 बजे तक तथा 12:59 से 01:47 बजे तक रहेगा। वहीं वर्ज्यम् 11:15 से 01:00 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए ठीक नहीं माना जाता। जिन लोगों का कृतिका के अंतिम 3 चरण, रोहिणी और मृगशिरा के पहले 2 चरण नक्षत्र है, उनके लिए यह दिन चंद्राष्टम का प्रभाव दे सकता है, इसलिए थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ समय की बात करें तो इस दिन कुछ अच्छे मुहूर्त भी मिल रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:04 से 05:52 बजे तक है, जो पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 से 12:59 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण काम शुरू किए जा सकते हैं। वहीं अमृत काल रात 09:45 से 11:30 बजे तक रहेगा, जो अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इस दिन आनन्दादि योग में वर्धमान योग 03:03 बजे तक रहेगा और उसके बाद आनन्द योग बनेगा, जो शुभ और सकारात्मक फल देने वाला माना जाता है।
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