Shukra Stotram: कुंडली में कमजोर शुक्र को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को करें इस स्तोत्र का पाठ

Shukra Stotram

शुक्र ग्रह और शुक्रवार का महत्त्व

सनातन धर्म में सप्ताह के हर दिन का एक विशेष देवता या ग्रह होता है।
शुक्रवार का दिन खास रूप से मां लक्ष्मी (धन-समृद्धि की देवी) और शुक्र ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पूजा-अर्चना और व्रत से मनुष्य को शांति, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

शुक्र ग्रह को सुख-संपत्ति, प्रेम, आकर्षण, विवाह और भौतिक समृद्धि का कारक माना जाता है। अगर किसी की ज्योतिष कुंडली में शुक्र कमज़ोर है, तो उसे Shukra Stotram का नियमित पाठ करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से शुक्र की शक्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है।श्शक्र स्तोत्र (Shukra Stotram in Hindi)

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शुक्र स्तोत्र (Shukra Stotram in Hindi)

नमस्ते भार्गवश्रेष्ठ देव दानवपूजित ।
वृष्टिरोधप्रकर्त्रे च वृष्टिकर्त्रे नमो नमः ॥ 1 ॥ 

देवयानीपितस्तुभ्यं वेदवेदांगपारगः ।
परेण तपसा शुद्धः शंकरो लोकशंकरः ॥ 2 ॥ 

प्राप्तो विद्यां जीवनाख्यां तस्मै शुक्रात्मने नमः ।
नमस्तस्मै भगवते भृगुपुत्राय वेधसे ॥ 3 ॥ 

तारामण्डलमध्यस्थ स्वभासा भासिताम्बरः ।
यस्योदये जगत्सर्वं मङ्गलार्हं भवेदिह ॥ 4 ॥ 

अस्तं याते ह्यरिष्टं स्यात्तस्मै मङ्गल रूपिणे ।
त्रिपुरावासिनो दैत्यान् शिवबाणप्रपीडितान् ॥ 5 ॥ 

विद्यया जीवयच्छुक्रो नमस्ते भृगुनन्दन ।
ययातिगुरवे तुभ्यं नमस्ते कविनन्दन ॥ 6 ॥ 

वलिराज्यप्रदो जीवस्तस्मै जीवात्मने नमः ।
भार्गवाय नमः तुभ्यं पूर्वं गीर्वाणवन्दितः ॥ 7 ॥ 

जीवपुत्राय यो विद्यां प्रादात्तस्मै नमोनमः ।
नमः शुक्राय काव्याय भृगुपुत्राय धीमहि ॥ 8 ॥ 

नमः कारणरूपाय नमस्ते कारणात्मने ।
स्तवराजमिदं पुण्यं भार्गवस्य महात्मनः ॥ 9 ॥ 

यः पठेच्छ्रणुयाद्वापि लभतेवाञ्छितं फलम् ।
पुत्रकामो लभेत्पुत्रान् श्रीकामो लभेत श्रियम् ॥ 10 ॥ 

राज्यकामो लभेद्राज्यं स्त्रीकामः स्त्रियमुत्तमाम् ।
भृगुवारे प्रयत्नेन पठितव्यं समाहितैः ॥ 11 ॥ 

अन्यवारे तु होरायां पूजयेद्भृगुनन्दनम् ।
रोगार्तो मुच्यते रोगाद्भयार्तो मुच्यते भयात् ॥ 12 ॥ 

यद्यत्प्रार्थयते वस्तु तत्तत्प्राप्नोति सर्वदा ।
प्रातः काले प्रकर्तव्या भृगुपूजा प्रयत्नतः ॥ 13 ॥ 

सर्वपापविनिर्मुक्तः प्राप्नुयाच्छिवसन्निधौ ॥ 14 ॥ 

शुक्र मंत्र (Shukra Mantra)

  • बीज मंत्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।
  • सामान्य मंत्र: ॐ शुं शुक्राय नमः। 

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Shukra Stotram पाठ का समय और विधि

  • शुक्रवार सुबह स्नान के बाद सफ़ेद वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थान को साफ रखें और देवी-देवताओं का ध्यान करें।
  • स्नान के बाद भगवान को इस स्तोत्र का भाव-भक्ति के साथ पाठ करें।
  • पाठ के बाद हाथ जोड़कर मनोकामनाएँ प्रार्थना स्वरूप कहें।

शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, इसलिए इस दिन Shukra Stotram का पाठ विशेष फलदायी होता है।

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