
भगवान शिव को संहारक, कल्याणकारी और भोलेनाथ कहा जाता है। वे त्रिदेवों में से एक हैं और सृष्टि के संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Shiv Stuti lyrics in Hindi का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शिव स्तुति न केवल एक भक्ति गीत है, बल्कि यह आत्मा को शिव तत्व से जोड़ने का माध्यम भी है।
यदि आप ‘गुप्त नवरात्रि 2026’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें — गुप्त नवरात्रि 2026
शिव स्तुति क्या है?
Shiv Stuti भगवान शिव की स्तुति में रचित वेदिक और पौराणिक मंत्रों, श्लोकों और पदों का समूह है। इन स्तुतियों का उल्लेख शिव पुराण, स्कंद पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। शिव स्तुति का पाठ भक्त को भय, रोग, कष्ट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति दिलाता है।
Shiv Stuti Lyrics in Hindi (शिव स्तुति पाठ)
शिव स्तुति
नमामि शमीशान निर्वाण रूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं
गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्।
करालं महाकाल कालं कृपालं
गुणागार संसारपारं नतोऽहम्॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं
मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा
लसद्भाल बालेन्दु कंठे भुजंगा॥
चलत्कुंडलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकंठं दयालम्।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुंडमालं
प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि॥
यह shiv stuti lyrics in hindi भक्तों द्वारा अत्यंत श्रद्धा से पढ़ी जाती है।
शिव स्तुति का हिंदी अर्थ (संक्षेप में)
शिव स्तुति में भगवान शिव को निराकार, निर्विकार, अनंत और ब्रह्मस्वरूप बताया गया है। वे समय से परे, करुणामय और संसार के पार ले जाने वाले हैं। उनके मस्तक पर गंगा, गले में नाग, और चंद्रमा उनकी दिव्यता का प्रतीक हैं।
Shiv Stuti Lyrics पढ़ने का महत्व
shiv stuti lyrics का नियमित पाठ जीवन में अनेक लाभ देता है:
- मानसिक शांति और आत्मिक बल
- भय, चिंता और तनाव से मुक्ति
- रोग, शत्रु और बाधाओं से रक्षा
- कुंडली में ग्रह दोषों का शमन
- आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति
शिव स्तुति पढ़ने का सही समय
- प्रातः ब्रह्म मुहूर्त
- सोमवार का दिन
- महाशिवरात्रि
- सावन का महीना
- प्रदोष काल
इन समयों में shiv stuti का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
शिव स्तुति और शिव भक्ति का संबंध
शिव भक्ति में स्तुति, जप, ध्यान और अभिषेक का विशेष स्थान है। Shiv stuti lyrics in Hindi शिव साधना को सरल और प्रभावशाली बनाती है। भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं, इसलिए सच्चे मन से की गई स्तुति तुरंत फल देती है।
शिव स्तुति पाठ विधि
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- शिवलिंग या शिव चित्र के सामने दीपक जलाएं
- जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करें
- शांत मन से shiv stuti lyrics का पाठ करें
- अंत में “ॐ नमः शिवाय” का जप करें
शिव स्तुति बनाम शिव चालीसा
| शिव स्तुति | शिव चालीसा |
|---|---|
| वेदिक और श्लोकात्मक | चौपाई आधारित |
| गहन आध्यात्मिक अर्थ | सरल भक्तिपूर्ण भाषा |
| ध्यान के लिए श्रेष्ठ | सामान्य पाठ के लिए उपयुक्त |
दोनों का पाठ लाभकारी है, लेकिन shiv stuti गहरे साधकों के लिए विशेष मानी जाती है।
सावन में Shiv Stuti Lyrics का महत्व
सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान shiv stuti lyrics in hindi का पाठ करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। विशेषकर विवाह, संतान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में लाभ मिलता है।
शिव स्तुति से जुड़े कुछ सामान्य प्रश्न (FAQ)
Q. क्या शिव स्तुति रोज़ पढ़ सकते हैं?
हाँ, shiv stuti का रोज़ पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
Q. क्या बिना दीक्षा के शिव स्तुति पढ़ सकते हैं?
हाँ, शिव स्तुति सर्वसुलभ है।
Q. शिव स्तुति और महामृत्युंजय मंत्र में क्या अंतर है?
महामृत्युंजय मंत्र विशेष रूप से रोग और मृत्यु भय नाश के लिए है, जबकि शिव स्तुति सम्पूर्ण कल्याण के लिए।
यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat
निष्कर्ष
Shiv Stuti Lyrics in Hindi केवल एक धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि आत्मा को शिव तत्व से जोड़ने का दिव्य साधन है। इसके नियमित पाठ से जीवन में शांति, शक्ति और स्थिरता आती है। यदि आप सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करना चाहते हैं, तो shiv stuti lyrics को अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करें।


