
नमस्कार दोस्तों,
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अगर आप जनवरी 2026 में कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो 20 जनवरी से पहले निपटा लें, क्योंकि इसके बाद पंचक आपकी प्लानिंग बिगाड़ सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक एक विशेष समय होता है, इस समय में कुछ कार्यों को करने की पूर्ण रूप से मनाही होती है। पंचक पांच नक्षत्रों— धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती— के संयोग से बनता है । जब चंद्रमा धनिष्ठा के अंतिम चरण से लेकर रेवती नक्षत्र के अंत तक गोचर करता है, तब लगातार पांच दिनों तक पंचक रहता है।
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जनवरी 2026 में पंचक की तिथि
21 जनवरी 2026 (बुधवार) रात 01:35 बजे से पंचक शुरू होगा
और 25 जनवरी 2026 (रविवार) दोपहर 01:35 बजे तक रहेगा।
जनवरी में बुधवार से शुरू होने के कारण यह दोषरहित पंचक माना जा रहा है, जिस पर भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की विशेष कृपा रहती है।
दोषरहित पंचक क्या होता है?
दोषरहित पंचक में सामान्य पंचक की तरह कठोर नियम लागू नहीं होते। यह अपेक्षाकृत कम अशुभ माना जाता है, लेकिन फिर भी सावधानी रखना जरूरी है।
पंचक में क्या करें?
- भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा करें
- विष्णु सहस्रनाम या गुरुवार का व्रत रखें
- दान-पुण्य और जप-तप करें
- आवश्यक कार्य करने से पहले पंडित या ज्योतिषाचार्य की सलाह लें
- पुराने अधूरे कार्य पूरे करें
पंचक में क्या न करें?
- दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचें
- विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे बड़े शुभ कार्य टालें
- घर की छत नहीं डालनी चाहिेए
- लकड़ी या लकड़ी से बना सामान घर पर नहीं लाना चाहिए
- नया मकान बनवाने या भारी निर्माण कार्य से बचें
- बेवजह जोखिम भरे फैसले लेने से बचें
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जरूरी सलाह
हालांकि यह पंचक दोषरहित है, फिर भी 20 जनवरी से पहले बड़े शुभ कार्य निपटा लेना सबसे बेहतर रहेगा।
जय श्री हरि
नमस्कार।


