Navratri 2026 Day 9: मां सिद्धिदात्री की पूजा से पूरी होंगी हर मनोकामना! जानें विधि, मुहूर्त और लाभ

Navratri

चैत्र नवरात्रि का नौवां और अंतिम दिन देवी दुर्गा के सिद्धि प्रदान करने वाले स्वरूप मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है। यह दिन सिद्धि, सफलता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

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मां सिद्धिदात्री कौन हैं?

मां सिद्धिदात्री देवी दुर्गा का नौवां स्वरूप हैं। “सिद्धिदात्री” का अर्थ है — सिद्धियां देने वाली देवी

पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही सभी सिद्धियां प्राप्त की थीं।

इनकी सवारी सिंह या कमल होती है और इनके चार हाथ होते हैं।

Navratri Day 9 शुभ मुहूर्त 2026

  • पूजा का शुभ समय: सुबह 06:00 से 11:00 बजे तक (लगभग)
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:55 बजे तक

इस दिन हवन और कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।

मां सिद्धिदात्री पूजा विधि

1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें

इस दिन बैंगनी (Purple) या नीला (Blue) रंग पहनना शुभ माना जाता है।

2. पूजा स्थान तैयार करें

मां सिद्धिदात्री की मूर्ति या तस्वीर को चौकी पर स्थापित करें।

3. ध्यान और आवाहन करें

हाथ जोड़कर मां का ध्यान करें और उन्हें अपने घर में आमंत्रित करें।

4. पूजन सामग्री अर्पित करें

  • फूल
  • अक्षत
  • चंदन
  • धूप-दीप
  • कुमकुम

5. मंत्र जाप करें

“ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः”

इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

6. भोग लगाएं

मां को तिल और खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

7. हवन और कन्या पूजन करें

  • हवन में आहुति दें
  • 9 कन्याओं को भोजन कराएं
  • उन्हें उपहार और दक्षिणा दें

8. आरती करें

दीपक जलाकर मां की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

मां सिद्धिदात्री को क्या भोग लगाएं?

इस दिन मां को तिल और खीर अर्पित करना चाहिए।

इससे

  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
  • सफलता मिलती है
  • जीवन में सिद्धि प्राप्त होती है

Navratri Day 9 का शुभ रंग

नौवें दिन का शुभ रंग बैंगनी (Purple) माना जाता है।

यह रंग शक्ति, रहस्य और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।

मां सिद्धिदात्री पूजा के चमत्कारी लाभ

  • सभी इच्छाओं की पूर्ति
  • आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि
  • सफलता और सिद्धि प्राप्ति
  • जीवन में संतुलन और शांति
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार

पूजा में ध्यान रखने वाली बातें

  • पूजा पूरी श्रद्धा से करें
  • कन्या पूजन अवश्य करें
  • हवन करते समय सावधानी रखें
  • सात्विक जीवनशैली अपनाएं

आध्यात्मिक महत्व

मां सिद्धिदात्री का स्वरूप हमें यह सिखाता है कि सच्ची साधना और भक्ति से ही जीवन में सिद्धि प्राप्त होती है।

यह दिन नवरात्रि की साधना का अंतिम चरण होता है, जहां भक्त को पूर्णता और संतुष्टि मिलती है।

व्रत रखने वालों के लिए नियम

  • फलाहार या एक समय भोजन करें
  • सेंधा नमक का उपयोग करें
  • लहसुन-प्याज से परहेज करें
  • मन और विचारों को शुद्ध रखें

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निष्कर्ष

नवरात्रि का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का दिन है। यह दिन जीवन में सफलता, सिद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति लाता है।

अगर आप पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं, तो मां की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और सफलता का आगमन होता है।

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