
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित कर भोलेनाथ की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा जितनी महत्वपूर्ण होती है, उतना ही जरूरी होता है पूजा के बाद सही आचरण रखना। यदि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद कुछ नियमों की अनदेखी की जाए, तो पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता।
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शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद क्या न करें?
1. मंदिर से लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें
मान्यता है कि जल अर्पण के बाद बार-बार पीछे मुड़कर शिवलिंग को देखना उचित नहीं होता। ऐसा करने से पूजा की एकाग्रता भंग मानी जाती है।
2. बिना प्रसाद लिए मंदिर से न लौटें
शिव मंदिर से निकलते समय भस्म या प्रसाद अवश्य ग्रहण करना चाहिए। इसे भगवान शिव की कृपा का प्रतीक माना जाता है।
3. नकारात्मक सोच और वाणी से बचें
पूजा के बाद क्रोध, अपशब्द या किसी की निंदा करना अशुभ माना गया है। इससे पूजा का सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है।
4. तुरंत भोजन या तामसिक वस्तुओं का सेवन न करें
जल चढ़ाने और पूजा के बाद कुछ समय तक संयम रखना चाहिए। शराब, मांस या भारी भोजन से दूर रहना शुभ माना जाता है।
5. मंदिर परिसर में जूते-चप्पल पहनने से बचें
मंदिर से बाहर निकलने तक नंगे पैर रहना श्रद्धा और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है।
6. किसी का अपमान या अनादर न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के बाद मन, वचन और कर्म तीनों को शुद्ध रखना चाहिए। किसी का अपमान करने से पुण्य फल में कमी आ सकती है।
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इन नियमों का पालन क्यों जरूरी है?
शास्त्रों के अनुसार, शिव पूजा केवल कर्मकांड नहीं बल्कि भाव और आस्था से जुड़ी होती है। यदि पूजा के बाद गलत आचरण किया जाए, तो मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट और नकारात्मकता बढ़ सकती है। वहीं नियमों का पालन करने से शांति, सुख और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
