Maha Shivratri 2026: इन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत, जानें क्या कहते हैं शास्त्र

Maha Shivratri 2026

महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखते हैं, रात भर जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल व बेलपत्र अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है।

लेकिन हर व्यक्ति के लिए व्रत रखना उचित नहीं माना जाता। कुछ परिस्थितियों में व्रत न रखना ही बेहतर होता है। आइए जानते हैं किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

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महाशिवरात्रि व्रत के मुख्य नियम

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर फलाहार या केवल जल ग्रहण करें (स्वास्थ्य अनुसार)।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित करें।
  • रात में जागरण कर शिव मंत्रों का जाप करें।

किन लोगों को व्रत नहीं रखना चाहिए?

1. गर्भवती महिलाएं

गर्भावस्था में शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। ऐसे में निर्जला या कठिन व्रत रखने से कमजोरी हो सकती है। यदि व्रत रखना चाहें तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

2. गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग

डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को लंबा उपवास नुकसान पहुंचा सकता है।

3. बुजुर्ग और कमजोर व्यक्ति

यदि शरीर में पहले से कमजोरी है या उम्र अधिक है, तो सख्त व्रत रखने से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

4. छोटे बच्चे

बच्चों को पूर्ण उपवास नहीं रखना चाहिए। वे केवल पूजा में भाग ले सकते हैं।

5. दवाइयों पर निर्भर लोग

जो लोग नियमित दवाइयाँ लेते हैं, उन्हें खाली पेट दवा लेने से समस्या हो सकती है।

क्या करें यदि व्रत न रख सकें?

अगर किसी कारणवश व्रत रखना संभव न हो, तो भी भगवान शिव की पूजा, मंत्र जाप और सच्चे मन से प्रार्थना करने से पुण्य प्राप्त होता है। व्रत का महत्व श्रद्धा में है, न कि केवल भूखे रहने में।

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निष्कर्ष

महाशिवरात्रि का व्रत श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, लेकिन स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं। यदि आपकी शारीरिक स्थिति व्रत की अनुमति नहीं देती, तो मजबूरी में व्रत न रखें। भगवान शिव भाव के भूखे हैं, नियम के नहीं।

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