
होलिका दहन की कथा भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप से जुड़ी हुई है। अहंकारी राजा हिरण्यकश्यप ने भगवान विष्णु की भक्ति करने वाले अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने के कई प्रयास किए। अंत में उसकी बहन होलिका, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, प्रह्लाद को लेकर आग में बैठी।
लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई। इसी घटना की स्मृति में हर वर्ष होलिका दहन किया जाता है, जो यह सिखाता है कि ईश्वर की भक्ति के सामने अहंकार और अधर्म टिक नहीं सकता।
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होलिका दहन की पूजा विधि (सरल तरीके से)
- होलिका दहन स्थल पर लकड़ियों से होलिका तैयार करें
- गाय के गोबर से भूमि शुद्ध करें
- होलिका की पूजा करके जल, रोली, अक्षत अर्पित करें
- कच्चा सूत होलिका के चारों ओर 3 या 7 बार लपेटें
- परिवार की सुख-शांति की कामना करें
- अग्नि प्रज्वलित करके परिक्रमा करें
- अंत में होलिका की राख घर लाकर तिलक करें (मान्यता अनुसार)
होलिका दहन में क्या नहीं डालना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें होलिका की अग्नि में डालना अशुभ या दोषकारी माना गया है:
- पानी वाला नारियल
- सूखे फूल या माला
- टूटे हुए चावल
- सूखे फल
- तुलसी के पत्ते
- सूखे गेहूं की बालियाँ
- पीपल, बरगद, आम या शमी की लकड़ी
- चमड़े से बनी वस्तुएँ
- प्लास्टिक, कांच या रबर
- पुराने या फटे कपड़े
- चोरी या गलत तरीके से लाई गई चीजें
- गंदी या टूटी हुई वस्तुएँ
इन चीजों को डालने से पूजा का फल कम हो सकता है।
होलिका दहन में क्या डालना शुभ माना जाता है
होलिका दहन के समय अग्नि में निम्न वस्तुएँ डालना शुभ और फलदायी माना जाता है:
- सूखा नारियल
- लौंग, इलायची
- घी
- गोबर के उपले
- गेहूं और जौ
- काला तिल और पीली सरसों
- कपूर
- गुलाल
- बताशे या मिश्री
- हल्दी की गांठ
- गंगाजल
- रोली और अक्षत
इन वस्तुओं से घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति आती है।
होलिका दहन के बाद राख का महत्व
होलिका दहन के बाद बची हुई राख (भस्म) को बहुत शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि:
- इसे माथे पर लगाने से नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं
- घर में रखने से नजर दोष नहीं लगता
- खेतों में डालने से फसल अच्छी होती है
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Holika Dahan 2026 से जुड़ी विशेष सावधानियाँ
- भद्रा काल में दहन न करें
- पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाएँ
- पेड़ों को काटने से बचें
- प्लास्टिक या केमिकल सामग्री न जलाएँ
- परंपरा और स्वच्छता का ध्यान रखें
