
गुरुवार का दिन भगवान बृहस्पति देव को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धा से किया गया guruvar vrat जीवन में सुख, शांति, धन-समृद्धि और वैवाहिक बाधाओं को दूर करता है। खासतौर पर विवाह में देरी, आर्थिक परेशानी या ग्रह दोष से परेशान लोग guruvar vrat katha पढ़कर और व्रत रखकर लाभ पाते हैं।
यदि आप ‘Neel Saraswati Stotram’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें — Neel Saraswati Stotram
गुरुवार व्रत कथा (Guruvar Vrat Katha)
प्राचीन समय की बात है। एक नगर में एक गरीब ब्राह्मण दंपत्ति रहते थे। वे बहुत धार्मिक थे लेकिन अत्यंत निर्धन थे। रोज पूजा-पाठ करने के बाद भी उनकी स्थिति नहीं सुधर रही थी।
एक दिन ब्राह्मण की पत्नी ने किसी साधु से अपनी परेशानी बताई। साधु ने उन्हें गुरुवार का व्रत रखने और भगवान बृहस्पति की पूजा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा— हर गुरुवार पीले वस्त्र पहनना, पीले फूल चढ़ाना, चने की दाल या गुड़ का भोग लगाना और श्रद्धा से guruvar vrat katha पढ़ना।
दंपत्ति ने पूरे विश्वास के साथ guruvar vrat शुरू किया। कुछ ही समय में उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगे। घर में धन आने लगा, सम्मान बढ़ा और संतान सुख भी प्राप्त हुआ। धीरे-धीरे उनकी गरीबी दूर हो गई।
इस कथा से हमें सीख मिलती है कि सच्चे मन और श्रद्धा से किया गया गुरुvar व्रत अवश्य फल देता है।
गुरुवार व्रत करने की सरल विधि
- सुबह स्नान करके पीले कपड़े पहनें
- भगवान बृहस्पति की पूजा करें
- केले के पेड़ पर जल चढ़ाएं
- पीले फूल, हल्दी, चना दाल अर्पित करें
- guruvar vrat katha in hindi पढ़ें या सुनें
- शाम को आरती करके व्रत खोलें
यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat
गुरुवार व्रत का महत्व
नियमित रूप से guruvar vrat रखने से:
- विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
- आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
- भाग्य का साथ मिलने लगता है
- परिवार में सुख-शांति बनी रहती है
