
सनातन धर्म में चैत्र मास का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इसी महीने से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। पौराणिक मान्यता है कि ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना भी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू की थी। इस कारण यह महीना पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
चैत्र मास में कई बड़े व्रत और पर्व आते हैं। हालांकि कुछ तिथियां हर महीने आती हैं, जैसे एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा, लेकिन चैत्र मास में इनका महत्व और भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि Chaitra Month 2026 में ये महत्वपूर्ण तिथियां कब पड़ रही हैं और उनका शुभ मुहूर्त क्या है।
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पापमोचनी एकादशी 2026
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। हर माह में दो एकादशी आती हैं—एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है।
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 14 मार्च 2026, सुबह 08:10 बजे
- तिथि समाप्त: 15 मार्च 2026, सुबह 09:16 बजे
उदयातिथि के अनुसार वर्ष 2026 में 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
पापमोचनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का शुभ समय
सुबह 08:01 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक माना गया है।
कामदा एकादशी 2026
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 28 मार्च 2026, सुबह 08:45 बजे
- तिथि समाप्त: 29 मार्च 2026, सुबह 07:46 बजे
इसलिए उदयातिथि के अनुसार 29 मार्च 2026 को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
चैत्र अमावस्या 2026
वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र अमावस्या की तिथि
- प्रारंभ: 18 मार्च 2026, सुबह 08:25 बजे
- समाप्त: 19 मार्च 2026, सुबह 06:52 बजे
उदयातिथि के अनुसार 18 मार्च 2026 को चैत्र अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, स्नान-दान और पूजा करना शुभ माना जाता है।
अमावस्या के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:52 से 05:40 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:18 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:29 से 06:53 बजे तक
- अमृत काल: 09:37 से 11:10 बजे तक
चैत्र पूर्णिमा 2026
चैत्र मास की पूर्णिमा भी धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 01 अप्रैल 2026, सुबह 07:06 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 02 अप्रैल 2026, सुबह 07:41 बजे
उदयातिथि के अनुसार 02 अप्रैल 2026 को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा का उदय शाम 07:02 बजे होगा।
पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:38 से 05:24 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 02:30 से 03:20 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: 06:38 से 07:01 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:01 से 12:47 बजे तक
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निष्कर्ष
Chaitra Month 2026 में कई महत्वपूर्ण धार्मिक तिथियां पड़ रही हैं। इस महीने की पापमोचनी एकादशी, कामदा एकादशी, चैत्र अमावस्या और चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इन दिनों श्रद्धा और नियम के साथ पूजा-पाठ, व्रत और दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।


