शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा- Bhajan Lyrics in Hindi

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा- Bhajan Lyrics in Hindi
शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा- Bhajan Lyrics in Hindi

जब भी “shankar bhola nath hai lyrics” गूंजते हैं, मन अपने आप ही भक्ति में डूब जाता है। यह भजन केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति समर्पण, विश्वास और प्रेम का जीवंत अनुभव है।

शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव (महादेव) को “भोलेनाथ” इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की सच्ची भावना से तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पुराण में भी उल्लेख मिलता है कि शिव जी सरल भाव से की गई भक्ति को तुरंत स्वीकार करते हैं।

शंकर भोला नाथ है – सम्पूर्ण Lyrics

नीचे इस लोकप्रिय भजन के प्रमुख लिरिक्स दिए जा रहे हैं:

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा, हमारा तुम्हारा,
महाकाल की नगरी में पाऊँ जनम दोबारा।

इस नगरी के कंकर-पत्थर हम बन जाएँ,
भक्त हमारे ऊपर चढ़कर मंदिर जाएँ,
भक्तजनों के पाँव पड़े तो हो उद्धार हमारा,
बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा।

जब भी ये तन त्यागूँ, त्यागूँ क्षिप्रा तट पर,
इतना करना स्वामी, और मरूँ मर्घट पर,
मेरी भस्मी चढ़े आप पर, पाऊँ प्यार तुम्हारा,
शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा।

जय भोला भंडारी, जय गौरा त्रिपुरारी,
रखियो लाज हमारी, सब जग के हितकारी,
मन की इच्छा पूर्ण हो तो होवे वारा न्यारा,
बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा।

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा, हमारा तुम्हारा,
महाकाल की नगरी में पाऊँ जनम दोबारा।

इस भजन का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

परिभाषा: शंकर भोला नाथ है भजन एक ऐसा भक्तिपूर्ण गीत है जो भगवान शिव की करुणा, सरलता और भक्तरक्षक स्वरूप का वर्णन करता है।

इस भजन में शिव जी के तीन प्रमुख गुणों का वर्णन मिलता है:

1. सरलता (भोलेनाथ का स्वभाव)

महादेव को “भोले” इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे बिना छल-कपट के भाव को तुरंत स्वीकार करते हैं।

2. करुणा और दया

भजन में बार-बार यह भाव आता है कि जो भी सच्चे मन से पुकारता है, शिव जी उसकी सहायता करते हैं।

3. सर्वशक्तिमान रक्षक

“संकट को किनारा” देने का अर्थ है कि शिव भक्तों को हर कठिनाई से निकालते हैं।

शिव भक्ति में इस भजन का महत्व

हमारे सनातन धर्म में भजन केवल संगीत नहीं, बल्कि साधना का माध्यम हैं।

क्यों खास है यह भजन?

  • यह भजन शिव तत्त्व को सरल भाषा में समझाता है
  • सामूहिक कीर्तन में यह विशेष रूप से गाया जाता है
  • सावन, महाशिवरात्रि और सोमवार व्रत में इसका महत्व बढ़ जाता है

भगवद गीता (9.22) में भगवान कहते हैं:*
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां योगक्षेमं वहाम्यहम्
अर्थात जो भक्त निरंतर मेरा चिंतन करते हैं, मैं उनकी रक्षा करता हूँ — यही भाव इस भजन में झलकता है।

भक्तों के अनुभव: क्यों जुड़ते हैं लोग इस भजन से?

जो भक्त नियमित रूप से यह भजन गाते हैं, वे बताते हैं कि:

  • मन को तुरंत शांति मिलती है
  • नकारात्मक विचार दूर होते हैं
  • शिव के प्रति गहरा जुड़ाव महसूस होता है

राजस्थान के एक छोटे से गाँव में, सावन के महीने में हर शाम लोग मंदिर में एकत्र होकर यही भजन गाते हैं। वहाँ की मान्यता है कि इस भजन के माध्यम से भोलेनाथ स्वयं भक्तों के बीच उपस्थित होते हैं।

कब और कैसे करें इस भजन का पाठ?

उपयुक्त समय:

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त
  • शाम आरती के समय
  • सावन और महाशिवरात्रि

विधि:

  • शिवलिंग पर जल अर्पित करें
  • “ॐ नमः शिवाय” का जप करें
  • इसके बाद श्रद्धा से यह भजन गाएं

ध्यान रखें — भक्ति में विधि से ज्यादा भाव महत्वपूर्ण है।

शिव भजन और मन की शुद्धि

भजन गाने का सबसे बड़ा लाभ है अंतरात्मा की शुद्धि

  • मन शांत होता है
  • आत्मविश्वास बढ़ता है
  • ईश्वर से संबंध मजबूत होता है

शिव पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से शिव का नाम लेता है, उसके पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

निष्कर्ष: शिव भक्ति का सरल मार्ग

shankar bhola nath hai lyrics” केवल एक भजन नहीं, बल्कि शिव से जुड़ने का सहज मार्ग है।

जब हम इस भजन को गाते हैं, तो केवल शब्द नहीं बोलते — हम अपनी आत्मा को भोलेनाथ के चरणों में समर्पित करते हैं।

अंत में बस इतना याद रखें:
जहाँ सच्ची श्रद्धा होती है, वहाँ भोलेनाथ स्वयं उपस्थित होते हैं।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. “शंकर भोला नाथ है” भजन किसके लिए गाया जाता है?

यह भजन भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए गाया जाता है।

Q2. क्या इस भजन को रोज गा सकते हैं?

हाँ, इसे प्रतिदिन गाना अत्यंत शुभ माना जाता है, विशेषकर सुबह या शाम।

Q3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इसका मुख्य संदेश है कि भोलेनाथ सरल भाव से की गई भक्ति को तुरंत स्वीकार करते हैं।

Q4. क्या सावन में इसका विशेष महत्व है?

हाँ, सावन में शिव भक्ति का महत्व बढ़ जाता है, इसलिए इस भजन का प्रभाव भी अधिक माना जाता है।

Q5. क्या बिना विधि के भी भजन गा सकते हैं?

बिल्कुल, शास्त्रों के अनुसार भाव सबसे महत्वपूर्ण है, विधि गौण है।

“भजन कर मस्त जवानी में” पूरे लिरिक्स यहाँ पढ़ें – Bhajan Kar Mast Jawani Mein Lyrics

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top