
अगर आप भी जीवन में शत्रुओं से परेशान हैं, कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंसे हैं या अचानक बाधाएं बढ़ रही हैं… तो Baglamukhi Jayanti 2026 आपके लिए एक ऐसा अवसर है, जिसे बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए।
कल्पना कीजिए… एक ऐसा दिन जब सिर्फ एक साधारण पूजा और मंत्र जाप से आपकी सारी नकारात्मक शक्तियां खत्म हो सकती हैं। यही शक्ति छिपी है मां बगलामुखी जयंती में।
Baglamukhi Jayanti 2026 कब है? (सही तिथि और मुहूर्त)
2026 में बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
- अष्टमी तिथि प्रारंभ: 23 अप्रैल 2026, रात 8:49 बजे
- अष्टमी तिथि समाप्त: 24 अप्रैल 2026, शाम 7:21 बजे
- मुख्य पूजा दिन (उदय तिथि): 24 अप्रैल 2026
यह तिथि वैषाख माह की शुक्ल पक्ष अष्टमी होती है, जो माता बगलामुखी के प्रकट होने का दिन माना जाता है।
मां बगलामुखी कौन हैं? क्यों है इतनी शक्तिशाली?
मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या मानी जाती हैं।
- इन्हें पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है
- पीला रंग इनकी शक्ति का प्रतीक है
- ये शत्रुओं की वाणी और शक्ति को “स्तंभित” (रोकने) की शक्ति रखती हैं
यही कारण है कि इन्हें शत्रु विनाश और विजय की देवी माना जाता है।
Baglamukhi Jayanti 2026 का महत्व (Significance)
आज के ट्रेंडिंग धार्मिक आर्टिकल्स के अनुसार, इस दिन की पूजा से:
- शत्रुओं पर विजय मिलती है
- कोर्ट केस में सफलता मिलती है
- नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है
- करियर और बिजनेस में बाधाएं दूर होती हैं
खास बात: यह दिन “मंत्र सिद्धि” और “तंत्र साधना” के लिए सबसे शक्तिशाली माना जाता है।
बगलामुखी जयंती 2026 पूजा विधि (Step-by-Step)
अगर आप घर पर पूजा करना चाहते हैं, तो ये सरल विधि अपनाएं:
पूजा विधि:
- सुबह स्नान कर पीले वस्त्र पहनें
- मां बगलामुखी की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें
- हल्दी, पीले फूल, चने की दाल अर्पित करें
- घी का दीपक जलाएं
- मंत्र का जाप करें
शक्तिशाली मंत्र:
“ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा”
क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts)
करें:
- पीले रंग का अधिक उपयोग करें
- ब्रह्मचर्य का पालन करें
- दान करें (पीले वस्त्र, हल्दी)
न करें:
- क्रोध और गलत वाणी से बचें
- तामसिक भोजन न करें
इस दिन क्या मांगें? (Hidden Benefits)
अगर आप सही भावना से पूजा करते हैं, तो:
- रुके हुए काम शुरू हो सकते हैं
- शत्रु खुद कमजोर पड़ने लगते हैं
- अचानक धन लाभ के योग बनते हैं
- मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है
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