
अगर आप भी Varuthini Ekadashi 2026 का व्रत रखने जा रहे हैं, तो ये जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। कई लोग पूरी श्रद्धा से व्रत रखते हैं, लेकिन कुछ छोटी-छोटी गलतियां उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं।
हाल ही में ट्रेंडिंग धार्मिक खबरों के अनुसार, साल 2026 में वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी, जो भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र व्रतों में से एक है।
यह व्रत सिर्फ पापों से मुक्ति ही नहीं देता, बल्कि जीवन में आ रही रुकावटों को भी दूर करता है। लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं जिन्हें तोड़ने से व्रत का फल अधूरा रह जाता है।
क्या है Varuthini Ekadashi का महत्व?
Varuthini Ekadashi (वरुथिनी एकादशी) को “रक्षा देने वाली एकादशी” भी कहा जाता है।
- यह व्रत जीवन की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता है
- सौभाग्य और समृद्धि लाता है
- भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है
- पुराने पापों का नाश होता है
Trending रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह व्रत मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद खास माना जाता है।
Varuthini Ekadashi 2026: भूल से भी न करें ये 7 गलतियां
1. चावल और अनाज का सेवन
एकादशी के दिन चावल और अनाज खाना व्रत को तोड़ने जैसा माना जाता है।
2. क्रोध और कटु वाणी
गुस्सा करना और दूसरों को अपशब्द कहना व्रत के पुण्य को खत्म कर देता है।
3. झूठ बोलना और छल करना
इस दिन सत्य और धर्म का पालन जरूरी है।
4. देर तक सोना
एकादशी पर आलस्य और अधिक सोना अशुभ माना जाता है।
5. बिना नियम के व्रत तोड़ना (Parana Mistake)
व्रत का सही समय पर पारण करना जरूरी है, वरना फल अधूरा रह सकता है।
6. भगवान विष्णु की पूजा न करना
केवल उपवास ही नहीं, पूजा-पाठ भी जरूरी है।
7. दान-पुण्य न करना
इस दिन दान करने से कई गुना अधिक पुण्य मिलता है।
पूजा विधि (Simple & Powerful)
- सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें
- भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं
- तुलसी पत्र अर्पित करें
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
- फलाहार या निर्जल व्रत रखें
Varuthini Ekadashi 2026 Date & Timing
- तिथि: 13 अप्रैल 2026
- एकादशी प्रारंभ: 13 अप्रैल, 01:16 AM
- एकादशी समाप्त: 14 अप्रैल, 01:08 AM
- पारण समय: 14 अप्रैल सुबह (निर्धारित मुहूर्त में)
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