
कभी सोचा है कि साल में एक ऐसा दिन भी होता है, जब किया गया हर शुभ काम कभी खत्म नहीं होता?
अक्षय तृतीया ऐसा ही एक पवित्र दिन है, जिसे “अक्षय फल देने वाला दिन” कहा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है।
2026 में यह दिन और भी खास क्यों है? आइए इसकी पूरी कहानी जानते हैं…
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Akshaya Tritiya 2026 कब है?
साल 2026 में अक्षय तृतीया 20 अप्रैल 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।
इस दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि होती है।
यह तिथि सूर्योदय से शुरू होकर पूरे दिन शुभ मानी जाती है।
खास बात: इस दिन “अबूझ मुहूर्त” होता है, यानी कोई भी शुभ काम बिना पंचांग देखे किया जा सकता है।
अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है?
पुराणों के अनुसार, एक समय की बात है…
जब भगवान विष्णु ने परशुराम अवतार लिया था, उसी दिन अक्षय तृतीया थी।
इसी दिन माता गंगा भी पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं।
महाभारत काल में, जब पांडव वनवास में थे, तब भगवान कृष्ण ने उन्हें अक्षय पात्र दिया था।
इस पात्र से भोजन कभी खत्म नहीं होता था।
यही कारण है कि इस दिन को “अक्षय” यानी कभी न खत्म होने वाला पुण्य देने वाला माना जाता है।
अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व
अक्षय तृतीया को बेहद पवित्र और फलदायी दिन माना जाता है।
इस दिन किए गए दान, जप, तप और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
मान्यता है कि इस दिन की गई छोटी सी पूजा भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फल देती है।
इस दिन सोना खरीदना क्यों शुभ माना जाता है?
आपने देखा होगा कि अक्षय तृतीया पर लोग सोना जरूर खरीदते हैं।
इसके पीछे मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजें कभी कम नहीं होतीं।
सोना समृद्धि और लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।
इसलिए लोग इस दिन निवेश, नया व्यापार या घर खरीदने की शुरुआत करते हैं।
अक्षय तृतीया पर क्या करें? (पूजा विधि)
सुबह की तैयारी
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
- घर के मंदिर को साफ करें
- पीले वस्त्र पहनें
पूजा कैसे करें
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
- तुलसी और पीले फूल अर्पित करें
- घी का दीपक जलाएं
दान और सेवा
- गरीबों को भोजन कराएं
- जल, वस्त्र और अनाज का दान करें
मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कभी खत्म नहीं होता।
अक्षय तृतीया के 5 सबसे महत्वपूर्ण नियम
- इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त के किया जा सकता है
- सोना या चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है
- दान-पुण्य करने से कई गुना फल मिलता है
- भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा जरूर करें
- नए काम की शुरुआत के लिए यह सबसे उत्तम दिन है
अक्षय तृतीया से जुड़ी खास मान्यताएं
- इस दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी
- भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा की गरीबी दूर की थी
- इस दिन गंगा स्नान करने से पाप नष्ट होते हैं
इसलिए इस दिन को “सर्वसिद्धि दिवस” भी कहा जाता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. अक्षय तृतीया 2026 में कब है?
अक्षय तृतीया 20 अप्रैल 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।
2. क्या इस दिन बिना मुहूर्त शादी या खरीदारी कर सकते हैं?
हाँ, यह “अबूझ मुहूर्त” होता है, इसलिए बिना मुहूर्त कोई भी शुभ काम किया जा सकता है।
3. अक्षय तृतीया पर क्या दान करना चाहिए?
इस दिन जल, अनाज, वस्त्र और धन का दान करना सबसे शुभ माना जाता है।
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Conclusion
अक्षय तृतीया सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास और समृद्धि का प्रतीक है।
यह दिन हमें सिखाता है कि छोटे-छोटे अच्छे काम भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
अगर आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो इस दिन कुछ अच्छा जरूर करें…
क्योंकि इस दिन किया गया हर काम “अक्षय” बन जाता है — यानी कभी खत्म नहीं होता।

