
30 मार्च 2026, सोमवार का दिन चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि से शुरू होगा, जो सुबह 07:09 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। इस दिन मघा नक्षत्र दोपहर 02:47 बजे तक रहेगा, फिर पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। शूल योग शाम 04:51 बजे तक रहेगा, उसके बाद गण्ड योग लग जाएगा। सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 04:48 से 05:36 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और ध्यान के लिए बहुत शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त 12:06 से 12:55 बजे तक और अमृत काल 12:21 से 01:58 बजे तक रहेगा, जिनमें शुभ कार्य करना लाभकारी रहेगा। इस दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा और चंद्रमा पूरे दिन-रात सिंह राशि में संचार करेगा।
अशुभ समय की बात करें तो यमगंड काल 10:59 से 12:31 बजे तक, कुलिक काल 02:02 से 03:34 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दो बार आएगा—पहला 12:55 से 01:44 बजे तक और दूसरा 03:22 से 04:11 बजे तक, इसलिए इन समय में महत्वपूर्ण कार्य करने से बचना चाहिए। वर्ज्यम् काल रात 10:58 बजे से 12:36 बजे तक रहेगा। गण्डमूल नक्षत्र का प्रभाव 29 मार्च दोपहर 02:37 बजे से 30 मार्च दोपहर 02:47 बजे तक मघा नक्षत्र में रहेगा, इसलिए इस अवधि में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए विशेष पूजा का महत्व होता है। कुल मिलाकर यह दिन धार्मिक कार्यों और व्रत-पूजन के लिए अच्छा है, बस शुभ-अशुभ समय का ध्यान रखना जरूरी है।
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