
22 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रात 09:16 बजे तक रहेगी, उसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन भरणी नक्षत्र रात 10:42 बजे तक रहेगा और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र लगेगा। योग की बात करें तो वैधृति योग दोपहर 03:41 बजे तक रहेगा, इसके बाद विष्कुम्भ योग शुरू होगा। करण में वणिज करण सुबह 10:37 बजे तक रहेगा, उसके बाद विष्टि करण रात 09:17 बजे तक और फिर बव करण प्रारंभ होगा। इस दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा। वहीं चंद्रमा 23 मार्च सुबह 04:13 बजे तक मेष राशि में रहेगा और उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा।
दिन में कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें ज्योतिष के अनुसार अशुभ माना जाता है, इसलिए इन समयों में नए या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना बेहतर होता है। यमगण्ड दोपहर 12:33 से 02:04 बजे तक रहेगा, कुलिक काल दोपहर 03:34 से 05:04 बजे तक रहेगा और दुर्मुहूर्त शाम 04:58 से 05:46 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् सुबह 09:27 से 10:55 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए ठीक नहीं माना जाता। जिन लोगों का उत्तर फाल्गुनी के अंतिम 3 चरण, हस्त और चित्रा के पहले 2 चरण नक्षत्र है, उनके लिए यह समय चंद्राष्टम का प्रभाव दे सकता है, इसलिए उन्हें थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ समय की बात करें तो इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:55 से 05:43 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत अच्छा समय माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 से 12:57 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य शुरू किए जा सकते हैं। वहीं अमृत काल शाम 06:42 से 08:11 बजे तक रहेगा, जो अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा आनन्दादि योग में कालदण्ड योग रात 10:42 बजे तक रहेगा और उसके बाद ध्रूम योग शुरू होगा, इसलिए दिन के सामान्य कार्य सोच-समझकर करना बेहतर माना जाता है।
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