
14 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सुबह 08:11 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सुबह 04:49 बजे तक रहेगा और उसके बाद श्रवण नक्षत्र लगेगा। योग की बात करें तो वरीयान योग सुबह 10:42 बजे तक रहेगा, फिर परिघ योग प्रारंभ होगा। करण में विष्टि करण सुबह 08:11 बजे तक रहेगा, उसके बाद बव करण रात 08:49 बजे तक और फिर बालव करण शुरू होगा। चंद्रमा सुबह 09:33 बजे तक धनु राशि में रहेगा, उसके बाद मकर राशि में प्रवेश कर जाएगा। वहीं सूर्य 15 मार्च रात 01:00 बजे तक कुंभ राशि में रहेगा और उसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेगा।
इस दिन कुछ अशुभ समय भी रहेंगे, जिनमें नए या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है। राहुकाल सुबह 09:38 से 11:07 बजे तक रहेगा। इसके अलावा कुलिक काल सुबह 06:40 से 08:09 बजे तक, दुर्मुहूर्त 08:15 से 09:02 बजे तक, यमगण्ड दोपहर 02:05 से 03:33 बजे तक और वर्ज्यम् 11:38 से 01:21 बजे तक रहेगा। जिन लोगों का कृतिका नक्षत्र के अंतिम 3 चरण, रोहिणी और मृगशिरा के पहले 2 चरण हैं, उनके लिए यह समय चंद्राष्टम का प्रभाव दे सकता है, इसलिए उन्हें थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ समय की बात करें तो दिन में कई अच्छे मुहूर्त भी मिल रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:03 से 05:51 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 से 12:59 बजे तक रहेगा, जिसमें जरूरी काम शुरू किए जा सकते हैं। वहीं अमृत काल रात 09:56 से 11:39 बजे तक रहेगा, जो अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा आनन्दादि योग में चर योग सुबह 06:29 बजे तक रहेगा और उसके बाद सुस्थिर योग बनेगा। साथ ही 15 मार्च सुबह 04:49 से 06:39 बजे तक श्रवण नक्षत्र और शनिवार के संयोग से सर्वार्थसिद्धि योग भी बनेगा, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है।
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