Chandra Grahan 2026: सूतक काल जारी, दोपहर 3:20 बजे से लगेगा चंद्र ग्रहण – होली के उत्साह में भूलकर भी न करें ये गलतियां!

Chandra Grahan 2026

साल 2026 में होली के आसपास लगने वाला चंद्र ग्रहण धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिष और धर्मशास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल और विशेष रूप से सूतक काल में कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। मान्यता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, इसलिए पूजा-पाठ, खान-पान और दैनिक गतिविधियों में सावधानी बरतनी चाहिए।

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सूतक काल में क्या न करें?

  1. पूजा-पाठ और मंदिर दर्शन से बचें
    ग्रहण लगने से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित माना जाता है।
  2. भोजन न पकाएं और न खाएं
    मान्यता है कि ग्रहण के समय बना या खाया गया भोजन अशुद्ध हो सकता है। यदि पहले से भोजन बना हो तो उसमें तुलसी के पत्ते डाल देना शुभ माना जाता है।
  3. तेज धार वाले काम से बचें
    सुई, कैंची या चाकू जैसे नुकीले औजारों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
  4. नकारात्मक विचारों से दूर रहें
    इस समय मंत्र जाप, ध्यान और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

ग्रहण काल में क्या करें?

  • मंत्र जाप और ध्यान करें।
  • जरूरतमंदों को दान दें।
  • ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर घर की शुद्धि करें।
  • मंदिर खुलने के बाद ही पूजा-पाठ पुनः प्रारंभ करें।

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होली और चंद्र ग्रहण का संयोग

होली रंगों और उत्सव का पर्व है, जबकि चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब ये दोनों एक साथ आते हैं तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावधानी और संयम जरूरी हो जाता है। इसलिए होली का आनंद लेते समय ग्रहण से जुड़े नियमों का ध्यान रखना आवश्यक है।

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