
23 फरवरी सोमवार 2026 को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो सुबह 09:09 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन कालयुक्त संवत्सर के अनुसार विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है। भरणी नक्षत्र शाम 04:33 बजे तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र आरंभ होगा। ब्रह्म योग सुबह 10:18 बजे तक रहेगा, इसके बाद इन्द्र योग लगेगा। करण तैतिल सुबह 09:09 बजे तक रहेगा, इसके बाद गर करण रात 08:06 बजे तक और फिर वणिज करण रहेगा। इस दिन सूर्य कुंभ राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 10:12 बजे तक मेष राशि में रहकर बाद में वृषभ राशि में प्रवेश करेगा।
इस दिन कुछ अशुभ समय भी बताए गए हैं, जिनमें यमगण्ड सुबह 11:14 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक, कुलिक काल दोपहर 02:05 बजे से 03:31 बजे तक, दुर्मुहूर्त दोपहर 01:02 बजे से 01:48 बजे तक और फिर 03:20 बजे से 04:05 बजे तक रहेगा। वर्ज्यम् का समय सुबह 03:50 बजे से 05:20 बजे तक रहेगा। वहीं शुभ कार्यों के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:20 बजे से 06:08 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:17 बजे से 01:02 बजे तक और अमृत काल दोपहर 12:00 बजे से 01:31 बजे तक विशेष रूप से शुभ माना गया है।
विशेष योगों की बात करें तो 24 फरवरी को सुबह 06:56 बजे से दोपहर 03:07 बजे तक कृत्तिका नक्षत्र और मंगलवार के संयोग से सर्वार्थसिद्धि योग बनेगा। इसी दिन सुबह 06:56 बजे से 07:02 बजे तक कृत्तिका नक्षत्र, मंगलवार और शुक्ल सप्तमी के संयोग से त्रिपुष्कर योग भी रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही चंद्राष्टम उत्तर फाल्गुनी के अंतिम तीन चरण, हस्त और चित्रा के पहले दो चरण के लिए माना गया है।
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