
फुलेरा दूज का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित एक अत्यंत शुभ तिथि माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से प्रेम, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन राधा-कृष्ण की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और आर्थिक उन्नति आती है। खास बात यह है कि फुलेरा दूज पर कुछ विशेष फूलों से पूजा करने का अलग ही महत्व बताया गया है।
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फुलेरा दूज पर फूलों का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, पूजा में प्रयुक्त फूल सीधे देवी-देवताओं की प्रसन्नता से जुड़े होते हैं। फुलेरा दूज के दिन राधा-कृष्ण को प्रिय फूल अर्पित करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
इन फूलों से करें पूजा
1. गुलाब के फूल
गुलाब को प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। राधा-कृष्ण को गुलाब अर्पित करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और प्रेम संबंध मजबूत होते हैं।
2. कमल का फूल
कमल पवित्रता और ऐश्वर्य का प्रतीक है। यह फूल पूजा में शामिल करने से धन, वैभव और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
3. चमेली के फूल
चमेली की सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
4. कनेर के फूल
कनेर के फूल भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। इन्हें अर्पित करने से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
पूजा करने का सही तरीका
फुलेरा दूज के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ कर राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद ऊपर बताए गए फूल श्रद्धा भाव से अर्पित करें और प्रेम व समृद्धि की कामना करें।
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फुलेरा दूज पर विशेष लाभ
- घर में सुख-शांति बनी रहती है
- धन और वैभव में वृद्धि होती है
- प्रेम संबंधों में मजबूती आती है
- राधा-कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है
