
सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, पवित्र स्नान और दान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। माना जाता है कि इस व्रत से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
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Somvati Amavasya 2026 की तिथि
साल 2026 में सोमवती अमावस्या सोमवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु प्रातःकाल उठकर पवित्र नदी या जलाशय में स्नान करते हैं और फिर व्रत-पूजन का संकल्प लेते हैं।
शुभ मुहूर्त
पूजन के लिए ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकाल का समय सबसे उत्तम माना जाता है। इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक, शिव मंत्रों का जप और दीप-दान करना विशेष फलदायी होता है। यदि संभव हो तो प्रदोष काल में भी शिव पूजा की जा सकती है।
सोमवती अमावस्या की पूजन विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- घर के मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें।
- जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
- अंत में आरती करें और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
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स्नान और दान का महत्व
इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि स्नान से पापों का नाश होता है और दान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से काले तिल, चावल और वस्त्र का दान शुभ माना जाता है।
