
वैभव लक्ष्मी व्रत मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किया जाने वाला एक विशेष व्रत है। मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत करता है, उसके जीवन में धन, सुख और समृद्धि की कमी नहीं रहती। खासतौर पर शुक्रवार के दिन किया जाने वाला यह व्रत बहुत शुभ माना जाता है।
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वैभव लक्ष्मी व्रत क्यों किया जाता है?
जीवन में आर्थिक तंगी, कर्ज, घर में कलह या लगातार असफलता जैसी समस्याओं से परेशान लोग यह व्रत रखते हैं। मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है। उनकी कृपा से घर में सुख-शांति और वैभव बना रहता है।
व्रत करने की विधि
- शुक्रवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- घर के मंदिर या साफ स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएं।
- मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- दीपक जलाएं और हाथ में फूल लेकर व्रत का संकल्प लें।
- वैभव लक्ष्मी व्रत कथा श्रद्धा से सुनें या पढ़ें।
- अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें।
कई लोग यह व्रत 11 या 21 शुक्रवार तक करते हैं। अंतिम शुक्रवार को उद्यापन किया जाता है और सुहागिन महिलाओं को प्रसाद व पूजन सामग्री भेंट की जाती है।
वैभव लक्ष्मी व्रत कथा (संक्षेप में)
एक समय की बात है, एक गरीब महिला बहुत दुखी रहती थी। घर में गरीबी और कलह का माहौल था। एक दिन एक वृद्धा ने उसे वैभव लक्ष्मी व्रत करने की सलाह दी। महिला ने पूरे विश्वास और नियम से यह व्रत शुरू किया।
कुछ ही समय में उसके जीवन में बदलाव आने लगा। पति को काम मिलने लगा, घर में सुख-शांति बढ़ी और आर्थिक स्थिति सुधर गई। धीरे-धीरे वह महिला सुखी और समृद्ध हो गई।
इस कथा का संदेश है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से किया गया व्रत कभी व्यर्थ नहीं जाता।
व्रत के नियम
- व्रत के दिन मन में बुरे विचार न लाएं।
- झूठ, क्रोध और विवाद से बचें।
- घर में साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण रखें।
- प्रसाद में खीर या मीठा अवश्य बनाएं।
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वैभव लक्ष्मी व्रत का महत्व
यह व्रत केवल धन प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शांति और पारिवारिक सुख के लिए भी किया जाता है। मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
यदि आप भी आर्थिक समस्याओं या जीवन में रुकावटों से परेशान हैं, तो पूरे विश्वास के साथ वैभव लक्ष्मी व्रत करें।
