
विजया एकादशी कब है?
वर्ष 2026 में विजया एकादशी का व्रत फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस बार यह 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 12 फरवरी, दोपहर 12:22 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी, दोपहर 2:25 बजे तक रहेगी।
पारण (व्रत खोलने) का समय 14 फरवरी 2026 की सुबह में सबसे शुभ माना जाता है।
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पूजा विधि (कैसे करें पूजा)
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर को साफ-सुथरा रखें।
- भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को साफ स्थान पर रखें।
- पीले या सफेद वस्त्र पहने।
- तुलसी, पीले फूल, अक्षत, घी का दीपक, फल और नारियल अर्पित करें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र 108 बार जपें।
- दिनभर उपवास करें — कुछ लोग निराहार (जल भी नहीं) रखते हैं तो कुछ फलाहार करते हैं।
- अगले दिन शुभ समय में पारण करें (व्रत खोलें)।
धार्मिक महत्व
- “विजया” का मतलब विजय, सफलता और जीत होता है।
- यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और उनके आशीर्वाद से जीवन के सभी कार्यों में सफलता और बाधाओं का निवारण माना जाता है।
- माना जाता है कि इस व्रत को करने से नकारात्मक शक्तियाँ कम होती हैं और व्यक्ति के जीवन में जीत, शांति और समृद्धि आती है।
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क्या करें और क्या न करें?
- पूजा के बाद लक्ष्मी-नारायण का ध्यान करें।
- फलाहार या निर्जल व्रत रखें (शारीरिक क्षमता अनुसार)।
- अनावश्यक शोर-गुल, विवाद और गलत व्यवहार से बचें।
