Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics: आरती कुंज बिहारी की

Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics

श्रीकृष्ण भक्ति में डूबे भक्तों के लिए Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics एक अत्यंत मधुर और भावपूर्ण आरती है। प्रसिद्ध गायक हरिहरन जी की आवाज़ में गाई गई “आरती कुंज बिहारी की” मन को शांति देती है और वातावरण को भक्तिमय बना देती है।

यदि आप aarti kunj bihari ki lyrics in hindi खोज रहे हैं, तो यहाँ आपको पूरी आरती सरल हिंदी में मिल जाएगी।

यदि आप ‘श्री रामायण जी की आरती’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें —  श्री रामायण जी की आरती

आरती कुंज बिहारी की (Lyrics in Hindi)

आरती कुंज बिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की।

गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला।
श्रवण में कुंडल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला॥

गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली।
लतन में ठाढ़े बनमाली,
भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक॥

चंद्र सी झलक ललाट ललिया,
छवि लाख करोड़ों लाजे सखियाँ।
मन हरषित, नैनन रसिया,
जग मोहन छवि छवि छवि छाया॥

आरती कुंज बिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसैं,
बजे मुरचंग, मधुर मृदंग॥

ग्वालिन संग बनि आई,
नंद बाबा की छवि सुहाई।
कृष्ण कृपा सब पर बरसाई,
भक्तन के दुःख हरने वाले॥

आरती कुंज बिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat

Aarti Kunj Bihari Ki – भावार्थ

हरिहरन जी द्वारा गाई गई यह आरती भगवान श्रीकृष्ण के सौंदर्य, करुणा और बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन करती है। जब आप aarti kunj bihari ki lyrics का पाठ या श्रवण करते हैं, तो मन स्वतः शांत हो जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

यह आरती विशेष रूप से सुबह पूजा के समय या संध्या आरती में गाई जाती है।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top