Bhaumvati Amavasya 2026: भौमवती अमावस्या 2026

Bhaumvati Amavasya 2026

भौमवती अमावस्या हिंदू पंचांग की एक अत्यंत विशेष और दुर्लभ अमावस्या तिथि मानी जाती है। जब अमावस्या तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तब उसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है। “भौम” शब्द मंगल ग्रह (मंगलवार) से संबंधित है, इसलिए यह दिन विशेष रूप से मंगल दोष निवारण, पितृ तर्पण, कालसर्प दोष शांति, कर्ज मुक्ति और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

साल 2026 में आने वाली bhaumvati amavasya 2026 आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली मानी जा रही है। इस दिन किए गए दान-पुण्य, पूजा-पाठ और पितृ कर्म कई गुना फल देते हैं।

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भौमवती अमावस्या 2026 की तिथि और समय

Source of Data:

  • Tuesday, 17 February 2026
  • Amavasya Tithi Begins : 16 February 2026 at 05:34 PM
  • Amavasya Tithi Ends : 17 February 2026 at 05:31 PM

अर्थात,

भौमवती अमावस्या 2026 मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।
अमावस्या तिथि 16 फरवरी 2026 शाम 05:34 बजे से प्रारंभ होकर 17 फरवरी 2026 शाम 05:31 बजे तक रहेगी।

चूंकि अमावस्या मंगलवार को पड़ रही है, इसलिए यह bhaumvati amavasya कहलाएगी।

भौमवती अमावस्या क्या होती है?

जब अमावस्या तिथि मंगलवार के दिन आती है, तब उसे भौमवती अमावस्या कहते हैं। यह योग बहुत कम बार बनता है और ज्योतिष शास्त्र में इसे विशेष फलदायी माना गया है।

इस दिन:

  • पितृ दोष शांति
  • मंगल दोष निवारण
  • कालसर्प दोष के उपाय
  • आर्थिक संकट से मुक्ति
  • रोग-कष्ट शांति
  • भूमि, भवन और वाहन संबंधी बाधाओं का निवारण

जैसे कार्य अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं।

इसी कारण bhaumvati amavasya 2026 साधना, दान और पितृ तर्पण के लिए एक श्रेष्ठ अवसर है।

भौमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व

भौमवती अमावस्या का उल्लेख कई पुराणों और ज्योतिष ग्रंथों में मिलता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव, हनुमान जी और पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

1. पितृ तर्पण का महत्व

इस दिन पितरों को जल अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और परिवार को आशीर्वाद देते हैं। जिन जातकों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उन्हें विशेष लाभ मिलता है।

2. मंगल दोष शांति

चूंकि यह दिन मंगल से जुड़ा है, इसलिए मंगल दोष वाले जातकों के लिए bhaumvati amavasya अत्यंत शुभ मानी जाती है।

3. कर्ज और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति

इस दिन किए गए दान-पुण्य से पुराने कर्ज, व्यापार में बाधा और आर्थिक तंगी धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है।

भौमवती अमावस्या 2026 पर क्या करें?

bhaumvati amavasya 2026 के दिन निम्न उपाय विशेष फल देते हैं:

1. प्रातः स्नान और संकल्प

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य को जल अर्पित करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।

2. पितृ तर्पण

कुशा, काला तिल और जल से अपने पितरों का तर्पण करें।

मंत्र:
“ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः”

3. पीपल और शमी पूजा

पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। शमी वृक्ष की पूजा भी मंगल दोष शांति के लिए शुभ मानी जाती है।

4. हनुमान जी की पूजा

मंगलवार होने के कारण हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का भोग लगाएं।

5. दान करें

इस दिन काले तिल, उड़द दाल, कंबल, वस्त्र, भोजन या दक्षिणा का दान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है।

भौमवती अमावस्या 2026 के विशेष ज्योतिषीय उपाय

यदि आपके जीवन में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो bhaumvati amavasya पर ये उपाय करें:

कालसर्प दोष के लिए

नाग देवता को दूध अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें।

मंगल दोष के लिए

लाल मसूर दाल का दान करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धन वृद्धि के लिए

पीपल के नीचे दीपक जलाकर 7 परिक्रमा करें।

संतान सुख के लिए

शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।

भौमवती अमावस्या व्रत विधि

  1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें
  2. स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  3. व्रत का संकल्प लें
  4. पितृ तर्पण करें
  5. शिव जी और हनुमान जी की पूजा करें
  6. दिनभर सात्विक रहें
  7. शाम को दीपदान करें
  8. गरीबों को भोजन कराएं

इस प्रकार bhaumvati amavasya 2026 का व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

दीपदान का महत्व

भौमवती अमावस्या की शाम घर के बाहर, पीपल या मंदिर में दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में सकारात्मकता आती है।

पितृ दोष क्या होता है और भौमवती अमावस्या में इसका समाधान

जब पितरों का विधिवत श्राद्ध या तर्पण नहीं हो पाता, तब कुंडली में पितृ दोष बनता है। इसके कारण:

  • विवाह में देरी
  • संतान संबंधी परेशानी
  • आर्थिक बाधाएं
  • बार-बार बीमारी

जैसी समस्याएं आती हैं।

bhaumvati amavasya 2026 पितृ दोष शांति के लिए सर्वोत्तम दिन माना गया है।

भौमवती अमावस्या पर क्या न करें?

  • मांस-मदिरा का सेवन न करें
  • झूठ और विवाद से बचें
  • किसी का अपमान न करें
  • बाल-नाखून न काटें
  • नकारात्मक विचार न रखें

भौमवती अमावस्या 2026 क्यों है खास?

क्योंकि:

  • अमावस्या + मंगलवार का दुर्लभ संयोग
  • मंगल ग्रह का प्रभाव
  • पितृ तर्पण का श्रेष्ठ अवसर
  • दोष निवारण के लिए अत्यंत शुभ

इसी कारण bhaumvati amavasya 2026 आध्यात्मिक साधना और जीवन सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है।

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निष्कर्ष

भौमवती अमावस्या 2026 जीवन की नकारात्मकताओं को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर है। इस दिन श्रद्धा के साथ किए गए पितृ तर्पण, दान और पूजा न केवल पूर्वजों को तृप्त करती है बल्कि व्यक्ति के वर्तमान और भविष्य को भी मजबूत बनाती है।

यदि आप मंगल दोष, पितृ दोष, आर्थिक संकट या मानसिक अशांति से गुजर रहे हैं, तो bhaumvati amavasya पर बताए गए उपाय अवश्य करें।

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