
18 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 08:25 बजे तक रहेगी, उसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र सुबह 05:21 बजे तक रहेगा और उसके बाद उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र लगेगा। योग की बात करें तो शुभ योग सुबह 04:01 बजे तक रहेगा, इसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा। करण में शकुनि करण सुबह 08:25 बजे तक रहेगा, उसके बाद चतुष्पद करण शाम 07:43 बजे तक और फिर नाग करण प्रारंभ होगा। इस दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 11:36 बजे तक कुंभ राशि में रहेगा और उसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेगा।
दिन में कुछ समय ऐसे हैं जिन्हें ज्योतिष के अनुसार अशुभ माना जाता है, इसलिए इन समयों में नए या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए। यमगण्ड सुबह 08:06 से 09:35 बजे तक रहेगा, कुलिक काल सुबह 11:05 से 12:34 बजे तक रहेगा और दुर्मुहूर्त दोपहर 12:11 से 12:58 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् दोपहर 12:20 से 01:53 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। जिन लोगों का पुनर्वसु नक्षत्र का अंतिम चरण, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र है, उनके लिए यह समय चंद्राष्टम का प्रभाव दे सकता है, इसलिए उन्हें थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ समय की बात करें तो इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:59 से 05:47 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है, इसलिए दिन में सामान्य समय देखकर ही काम करना बेहतर रहेगा। वहीं अमृत काल रात 09:37 से 11:09 बजे तक रहेगा, जो बहुत ही शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा आनन्दादि योग में पद्म योग सुबह 05:21 बजे तक रहेगा और उसके बाद लुम्ब योग बनेगा, जिससे दिन के बाद के समय में सामान्य कार्य करना ठीक माना जाता है।
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