
17 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 09:23 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन शतभिषा नक्षत्र सुबह 06:09 बजे तक रहेगा और उसके बाद पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र लगेगा। योग की बात करें तो सिद्ध योग सुबह 08:14 बजे तक रहेगा, इसके बाद साध्य योग बनेगा और फिर आगे चलकर शुभ योग का प्रभाव रहेगा। करण में वणिज करण सुबह 09:23 बजे तक रहेगा, उसके बाद विष्टि करण रात 08:59 बजे तक और फिर शकुनि करण शुरू होगा। इस दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा और चंद्रमा पूरे दिन-रात कुंभ राशि में संचार करेगा।
दिन में कुछ समय ऐसे हैं जिन्हें ज्योतिष में अशुभ माना जाता है, इसलिए इन समयों में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना बेहतर होता है। यमगण्ड सुबह 09:36 से 11:05 बजे तक रहेगा, कुलिक काल दोपहर 12:35 से 02:04 बजे तक रहेगा। वहीं दुर्मुहूर्त सुबह 09:00 से 09:48 बजे तक और रात 11:22 से 12:10 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् दोपहर 01:30 से 03:05 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता। जिन लोगों का पुनर्वसु नक्षत्र का अंतिम चरण, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र है, उनके लिए यह समय चंद्राष्टम का प्रभाव दे सकता है, इसलिए उन्हें थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ समय की बात करें तो इस दिन भी कुछ अच्छे मुहूर्त मिल रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:00 से 05:48 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 से 12:59 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य शुरू किए जा सकते हैं। वहीं अमृत काल रात 11:00 से 12:35 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा आनन्दादि योग में मृत्यु योग सुबह 06:09 बजे तक रहेगा और उसके बाद काण योग बनेगा, इसलिए सुबह के बाद का समय अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।
आज का राहुकाल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: 17 मार्च 2026 राहुकाल मंगलवार
आज का राशिफल देखने के लिए यहाँ क्लिक करें: राशिफल 17 मार्च मंगलवार 2026
