Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी पर कौन-से 5 काम वर्जित हैं? जानिए सही नियम और सावधानियां

Amalaki Ekadashi 2026

आमलकी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन आंवले के वृक्ष में स्वयं श्रीहरि का वास होता है। आमलकी एकादशी पर विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
लेकिन शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि यदि व्रत के दौरान कुछ गलतियां हो जाएं, तो व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता।

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आमलकी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम

1. तामसिक भोजन का सेवन

आमलकी एकादशी के दिन मांस, मछली, अंडा, लहसुन-प्याज और शराब जैसे तामसिक पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। यह व्रत की शुद्धता को भंग करता है।

2. झूठ और कटु वाणी का प्रयोग

इस पावन तिथि पर सत्य बोलना और मधुर वाणी का प्रयोग करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। झूठ बोलना, गाली-गलौज या किसी का अपमान करना व्रत के पुण्य को कम कर देता है।

3. आंवले के वृक्ष का अपमान

आमलकी एकादशी का संबंध आंवले से विशेष रूप से जुड़ा है। इस दिन आंवले के पेड़ को नुकसान पहुंचाना, उसकी टहनी तोड़ना या उपेक्षा करना अशुभ माना जाता है।

4. क्रोध और नकारात्मक विचार

व्रत के दौरान क्रोध, ईर्ष्या और द्वेष जैसे भाव मन में न आने दें। माना जाता है कि नकारात्मक सोच से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त नहीं होती।

5. पूजा-पाठ में आलस्य

इस दिन बिना स्नान किए पूजा करना, भगवान विष्णु की उपासना में लापरवाही करना या व्रत का संकल्प लेकर बीच में तोड़ देना शुभ नहीं माना जाता।

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आमलकी एकादशी व्रत का सही तरीका

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें
  • भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा करें
  • विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
  • सात्विक भोजन या फलाहार करें

इस प्रकार नियमों का पालन करके आमलकी एकादशी का व्रत करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।

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