
परिचय — What is Sri Suktam
श्री सूक्तम् (Sri Suktam) हिन्दू धर्म में अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र मंत्रों में से एक है। यह लक्ष्मी जी अर्थात् श्रीदेवी की स्तुति में कहा जाता है। श्री सूक्तम् को वैदिक परंपरा में समृद्धि, सौभाग्य, धन‑वैभव और मंगल फल का प्रमुख स्त्रोत माना जाता है।
यह मंत्र मूलतः सामवेद से लिया गया है और विशेष रूप से दीपावली, लक्ष्मी पूजा, शुभ कार्यों, गृह प्रवेश, धन प्राप्ति तथा मानसिक शांति के लिये प्रतिदिन जपा जाता है।
श्री सूक्तम् का इतिहास
श्री सूक्तम् (Sri Suktam) का इतिहास प्राचीन वैदिक काल से जुड़ा हुआ है। यह सूक्तम् लक्ष्मी‑सूक्तम् के नाम से भी प्रसिद्ध है क्योंकि इसका उद्देश्य श्री लक्ष्मी अर्थात् “दिव्य धन, वैभव, ऐश्वर्य” को उद्घाटित करना है।
वेदों में श्रीमत् लक्ष्मी की स्तुति करते हुए कहा गया है कि जो व्यक्ति इस श्री सूक्तम् का नियमित मंत्र जाप करता है, वह निरंतर आत्मिक, भौतिक और आध्यात्मिक समृद्धि का अनुभव करता है।
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श्री सूक्तम् – पूर्ण पाठ (Sri Suktam Lyrics in Sanskrit / Devanagari)
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् ।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१॥
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।
यस्यां हिरण्यं‑विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥२॥
अश्वपूर्वां रथं मध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम् ।
श्रियं देविं उपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ॥३॥
कां सो स्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं
तृप्तां तर्पयन्तीं पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम् ॥४॥
चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके
देवजुष्टामुदाराम् तां पद्मिनीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणो ॥५॥
आदित्यवर्णे तपसोऽधिजातो वनस्पतिस्तव
वृक्षोऽथ बिल्वः तस्य फलानि तपसानु दन्तु
मायांतरा याश्च बाह्या अलक्ष्मीयः ॥६॥
उपैतु मां देवसखः कीर्तिश्च मणिना सह ।
प्रादुर्भूतोऽस्मि राष्ट्रेऽस्मिन् कीर्तिमृद्धिं ददातु मे ॥७॥
क्षुत्पिपासा मालां ज्येष्ठाम् अलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् ।
अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णु‑दा मे गृहात् ॥८॥
गन्धद्वारां दुराधर्षां नित्यपुष्टां करिषिणीं
ईश्वरीगं सर्वभूतानां तामिहोपह्वये श्रियम् ॥९॥
मनसः काममाकूतिं वाचस्सत्यमशीमहि ।
पशूनां रुपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः ॥१०॥
कर्दमेन प्रजा‑भूतां मयि सम्भ्रम्कर्दम ।
श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम् ॥११॥
आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस मे गृहे ।
न च देवीं मातरं श्रीं वासय मे कुले ॥१२॥
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं सुगन्धां पद्ममालिनीम् ।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१३॥
श्री सूक्तम् के लाभ (Benefits of Sri Suktam)
1. धन और समृद्धि में वृद्धि
हमारी परंपरा में माना गया है कि श्री सूक्तम् का जाप धन‑वृद्धि, आर्थिक स्थिरता और घर‑परिवार की खुशहाली लाने में मदद करता है।
2. शुभ फल और सकारात्मक ऊर्जा
इस मंत्र के जप से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
3. शक्ति और आत्म‑विश्वास
नित्य जाप से शरीर और मन दोनों में शक्ति, संतुलन और आत्मविश्वास का विकास होता है।
4. मंत्रों की शक्ति
श्री सूक्तम् एक वैदिक शक्तिमंत्र है, और इसे शुद्ध मन, शुद्ध आशय और नियमित जाप से उच्च ऊर्जा प्राप्त होती है।
श्री सूक्तम् कैसे जपें (How to Chant Sri Suktam)
श्री सूक्तम् का जाप करने का समय:
- सुबह जल्दी (प्रातः काल)
- दीपावली या शुक्रवार को विशेष महत्वपूर्ण
- शांत और स्वच्छ स्थान
जाप विधि:
- शांति मुद्रा में बैठें
- मन को एकाग्र करें
- धीरज के साथ उच्चारण करें
- 108 बार, 21 बार या 11 बार जप
श्री सूक्तम् का उच्चारण (Partial Excerpt)
**न महा‑नारायणाय नमः ।
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् ।
चंद्राहतां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जयताम् जयताम् ॥**
यहाँ मैंने श्री सूक्तम् lyrics in hindi के रूप में एक छोटा सा उद्धरण दिया है ताकि आप समझ सकें मंत्र की लय और उच्चारण।
ध्यान रहे: पूरे sri suktam lyrics को बिना अनुमति प्रकाशित करना कॉपीराइट उल्लंघन हो सकता है, इसलिए यह लेख केवल एक परिचयात्मक और वर्णनात्मक उद्धरण प्रदान करता है।
श्री सूक्तम् के अर्थ (Meaning of Excerpt)
🌸 हिरण्यवर्णां हरिणीं – जो स्वर्ण‑वर्णा हैं,
🌸 सुवर्णरजतस्रजाम् – जिनके आभूषण स्वर्ण और रजत से हैं,
🌸 चंद्राहतां हिरण्मयीं – जिनकी देह चंद्रमा की भांति सौम्य और सुनहरी है,
🌸 लक्ष्मीं जयताम् – ऐसी श्रीमहालक्ष्मी की जय हो।
यह अभिव्यक्ति लक्ष्मी देवता के वैभव, सौंदर्य और दिव्यता का वर्णन करती है।
श्री सूक्तम् में प्रयुक्त शक्तिवचन (Vedic Power Words)
श्री सूक्तम् में कई ऐसे शब्द हैं जिनका उच्चारण अत्यंत शुभ माना जाता है:
- ॐ — बुनियादी वैदिक ऊर्जा
- नमः — आदर और समर्पण
- लक्ष्मी — धन, सौभाग्य एवं समृद्धि
इन शब्दों का नियमित उच्चारण मन में शांति और सकारात्मक सोच लाता है।
श्री सूक्तम् का ध्यान (Meditation with Sri Suktam)
ध्यान करते समय:
- आंखें बंद रखें
- शांत वातावरण
- दीप या धूप का उपयोग करें
- मन में लक्ष्मी माता की छवि कल्पना करें
यह अभ्यास मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक वृद्धि के लिये अत्यधिक प्रभावकारी है।
श्री सूक्तम् का शुभ समय
| दिन/समय | श्रेष्ठता |
|---|---|
| शुक्रवार | धन एवं सौभाग्य हेतु सबसे शुभ |
| दीपावली | श्री सूक्तम् विशेष रूप से सकारात्मक |
| प्रातः काल | शांति व ध्यान में वृद्धि |
| पूर्णिमा | आध्यात्मिक लाभ |
श्री सूक्तम् का वैज्ञानिक पहलू
ध्यान और जाप अपने आप में ही मानसिक स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है।
🔹 नियमित उच्चारण से तनाव कम होता है
🔹 नाड़ी प्रणाली संतुलित होती है
🔹 सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है
जब हम श्री सूक्तम् lyrics in hindi के उच्चारण का अभ्यास करते हैं, तो मस्तिष्क तथा सांस की गति नियंत्रित होती है, जिससे ध्यान की गुणवत्ता बढ़ती है।
श्री सूक्तम् का उपयोग कहाँ करें
घर में
- पूजा स्थल पर प्रतिदिन
- धन‑स्थान (cash box) के पास
व्यापार स्थल
- व्यापार में लाभ और वृद्धि की इच्छा होने पर
मनोवैज्ञानिक शांति
- तनाव और चिंता को कम करने के लिये
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श्री सूक्तम् को समझें (Deep Dive)
श्री सूक्तम् केवल एक मंत्र नहीं — यह एक जीवन दर्शन है।
यह हमें सिखाता है:
✔ संतुलन
✔ सद्गुण
✔ सकारात्मक दृष्टिकोण
✔ भक्ति और आशा
जब हम इसे सुनते, पढ़ते, या जपते हैं, तो हमारा मन आत्मिक धैर्य विकसित करता है।
श्री सूक्तम् vs अन्य सूक्त
| सूक्त का नाम | उद्देश्य |
|---|---|
| श्री सूक्तम् | धन, वैभव, सौभाग्य |
| नारायण सूक्तम् | सर्व लक्ष्य सिद्धि |
| देवी सूक्तम् | शक्ति और ऊर्जा |
श्री सूक्तम् का दृढ़ सम्बन्ध श्री (लक्ष्मी) से होने के कारण यह धन एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति में अत्यंत लोकप्रिय है।
नियमित अभ्यास का प्रभाव
जो व्यक्ति श्री सूक्तम् का जाप या ध्यान नियमित रूप से करता है, वह अक्सर रिपोर्ट करता है:
✔ बेहतर आर्थिक निर्णय
✔ सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण
✔ मानसिक स्थिरता
✔ संबंधों में सुधार
सबसे महत्वपूर्ण बातें
1. श्री सूक्तम् के लाभ केवल भौतिक नहीं — आध्यात्मिक भी हैं।
2. जाप से न सिर्फ़ पैसा, बल्कि आत्मिक संतोष भी मिलता है।
3. “sri suktam lyrics” को समझना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना इसे जपना।
निष्कर्ष
श्री सूक्तम् हिन्दू संस्कृति में श्रद्धा, समृद्धि, सौभाग्य तथा आध्यात्मिक उन्नति का स्त्रोत है।
इस लेख में आपने पढ़ा:
✔ श्री सूक्तम् का परिचय
✔ partial sri suktam lyrics in hindi
✔ अर्थ और महत्व
✔ जाप कैसे करें
✔ फायदे
✔ सही समय
यदि आप समृद्धि, शुभ फल, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति चाहते हैं, तो श्री सूक्तम् को अपने दैनिक अभ्यास का हिस्सा जरूर बनाएं।


