
भूमिका: शिव तांडव स्तोत्रम क्या है?
Shiv Tandav Stotram Lyrics केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि भगवान शिव की अपार शक्ति, सौंदर्य और तांडव नृत्य की दिव्यता का जीवंत वर्णन है। यह स्तोत्र भगवान शिव के रौद्र और सौम्य दोनों रूपों को दर्शाता है।
शिव तांडव स्तोत्रम् का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन से भय, रोग, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
यह स्तोत्र रावण द्वारा रचित माना जाता है, जिन्होंने अपनी गहन तपस्या और शिव भक्ति से भगवान शिव को प्रसन्न किया था।
यदि आप ‘शिव रुद्राष्टकम् पाठ’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें — शिव रुद्राष्टकम् पाठ
शिव तांडव स्तोत्रम का इतिहास
पौराणिक कथाओं के अनुसार, लंकापति रावण ने कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया था। जब भगवान शिव ने अपने अंगूठे से कैलाश को दबाया, तब रावण ने पीड़ा में शिव तांडव स्तोत्रम् की रचना की।
इस स्तोत्र से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने रावण को अमरता का वरदान दिया।
इसी कारण shiv tandav stotram lyrics in hindi का पाठ अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।
शिव तांडव स्तोत्रम लिरिक्स (Shiv Tandav Stotram Lyrics in Hindi)
नीचे shiv tandav stotram lyrics in hindi सरल और शुद्ध रूप में दिए गए हैं:
जटाटवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥१॥
जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी
विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि।
धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके
किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥२॥
धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर
स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे।
कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि
क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि॥३॥
जटाभुजंगपिंगलस्फुरत्फणामणिप्रभा
कदम्बकुंकुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे।
मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे
मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि॥४॥
(पूरा स्तोत्र आगे इसी क्रम में पढ़ा जाता है — सभी श्लोकों का भाव एक ही है: शिव की महिमा, तांडव, करुणा और शक्ति)
शिव तांडव स्तोत्रम का अर्थ (संक्षेप में)
Shiv Tandav Stotram में भगवान शिव को:
- जटाओं में गंगा धारण करने वाले
- गले में नागों की माला धारण करने वाले
- ललाट पर अग्नि और मस्तक पर चंद्र धारण करने वाले
- तांडव नृत्य द्वारा सृष्टि का संचालन करने वाले
के रूप में वर्णित किया गया है।
यह स्तोत्र बताता है कि शिव विनाशक नहीं, बल्कि संतुलन और कल्याण के देवता हैं।
शिव तांडव स्तोत्रम पढ़ने के लाभ
जो भक्त नियमित रूप से shiv tandav stotram lyrics in hindi या संस्कृत में पाठ करता है, उसे अनेक लाभ मिलते हैं:
1. नकारात्मक ऊर्जा का नाश
इस स्तोत्र का उच्चारण वातावरण को शुद्ध करता है।
2. मानसिक शक्ति में वृद्धि
तनाव, भय और चिंता दूर होती है।
3. शिव कृपा की प्राप्ति
भक्त के जीवन में शांति और स्थिरता आती है।
4. कुंडली दोषों में राहत
कई ज्योतिषाचार्य इसे कालसर्प दोष और शनि दोष में सहायक मानते हैं।
शिव तांडव स्तोत्रम का सही पाठ विधि
यदि आप shiv tandav stotram lyrics का पूरा लाभ चाहते हैं, तो यह विधि अपनाएं:
- स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें
- शिवलिंग या शिव चित्र के सामने बैठें
- “ॐ नमः शिवाय” का 11 बार जप करें
- फिर पूरे भाव से Shiv Tandav Stotram का पाठ करें
शिव तांडव स्तोत्रम और तांडव नृत्य का संबंध
तांडव नृत्य केवल नृत्य नहीं बल्कि:
- सृष्टि की उत्पत्ति
- पालन
- और संहार
का प्रतीक है।
Shiv Tandav Stotram उसी दिव्य नृत्य का काव्यात्मक रूप है।
यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat
Shiv Tandav Stotram और महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि के दिन shiv tandav stotram का पाठ करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
यह दिन शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है, और तांडव इसी दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है।
निष्कर्ष
Shiv Tandav Stotram केवल एक स्तोत्र नहीं बल्कि शिव भक्ति का सर्वोच्च रूप है।
जो भक्त इसे श्रद्धा से पढ़ता है, उसके जीवन में:
- भय नहीं
- अस्थिरता नहीं
- और निराशा नहीं रहती
बल्कि शिव तत्व की शक्ति सदैव उसके साथ रहती है।

