Shiv Rudrashtakam Lyrics in Hindi : शिव रुद्राष्टकम् पाठ

Shiv Rudrashtakam Lyrics in Hindi

रुद्राष्टकम् क्या है? (What is Rudrashtakam)

रुद्राष्टकम् भगवान शिव की एक अत्यंत प्रभावशाली और लोकप्रिय स्तुति है। यह स्तोत्र गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित माना जाता है और इसमें कुल 8 श्लोक (अष्टक) हैं, इसलिए इसे रुद्राष्टकम् कहा जाता है।
इस स्तोत्र में भगवान शिव के रुद्र रूप, उनकी करुणा, महिमा और ब्रह्मांडीय शक्ति का गहन वर्णन किया गया है।

जो भक्त श्रद्धा से rudrashtakam lyrics in hindi का पाठ करता है, उसके जीवन से भय, रोग, बाधा और नकारात्मकता दूर होती है।

रुद्राष्टकम् का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में भगवान शिव को संहारक कहा गया है, लेकिन वे उतने ही करुणामय भी हैं।
Shiv Rudrashtakam Lyrics in Hindi का नियमित पाठ—

  • मन की अशांति को शांत करता है
  • कालसर्प दोष, ग्रह दोष और नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है
  • भक्त को आत्मिक शक्ति प्रदान करता है
  • शिव कृपा शीघ्र प्राप्त होती है

विशेषकर महाशिवरात्रि, श्रावण मास, सोमवार, और प्रदोष व्रत में इसका पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।

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Rudrashtakam Lyrics in Hindi (शिव रुद्राष्टकम् पाठ)

॥ श्री रुद्राष्टकम् ॥

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥1॥

निराकारमोङ्कारमूलं तुरीयं
गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्।
करालं महाकालकालं कृपालं
गुणागारसंसारपारं नतोऽहम्॥2॥

तुषाराद्रिसंकाश गौरं गभिरं
मनोभूतकोटिप्रभा श्री शरीरम्।
स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारु गङ्गा
लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा॥3॥

चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥4॥

प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं
अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशम्।
त्रयःशूलनिर्मूलनं शूलपाणिं
भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यम्॥5॥

कलातीतकल्याणकल्पान्तकारी
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी।
चिदानन्दसंदोह मोहापहारी
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी॥6॥

न यावद् उमानाथ पादारविन्दं
भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्।
न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं
प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासम्॥7॥

न जानामि योगं जपं नैव पूजां
नतोऽहं सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्।
जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं
प्रभो पाहि आपन्नमामीश शम्भो॥8॥

रुद्राष्टकम् के आठ श्लोकों का भावात्मक विश्लेषण

🔱 प्रथम श्लोक का भाव

पहले श्लोक में शिव को निर्वाणरूप, सर्वव्यापी ब्रह्म कहा गया है।
यह श्लोक हमें बताता है कि शिव किसी एक रूप में सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हर कण में व्याप्त हैं।

🔱 द्वितीय श्लोक का भाव

यहाँ शिव को महाकाल कहा गया है—जो स्वयं समय के भी स्वामी हैं।
जो भक्त इस श्लोक का ध्यानपूर्वक पाठ करता है, उसे मृत्यु का भय नहीं सताता।

🔱 तृतीय और चतुर्थ श्लोक

इन श्लोकों में शिव के सौंदर्य, करुणा और वैराग्य का अद्भुत चित्रण है—
गंगा, चंद्रमा, सर्प और भस्म—सब शिव के आभूषण हैं।

🔱 पंचम और षष्ठ श्लोक

इनमें शिव को संसार के कष्टों का नाश करने वाला और
भक्तों को आनंद देने वाला बताया गया है।

🔱 सप्तम और अष्टम श्लोक

अंतिम श्लोकों में भक्त अपनी अज्ञानता स्वीकार करता है और
शिव से केवल शरण और रक्षा की प्रार्थना करता है।

रुद्राष्टकम् पढ़ने के लाभ

rudrashtakam lyrics in hindi का नियमित पाठ करने से:

  1. मानसिक तनाव और भय समाप्त होता है
  2. रोग, कष्ट और नकारात्मक विचार दूर होते हैं
  3. आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ता है
  4. शिव कृपा से जीवन में संतुलन आता है
  5. मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसरता होती है

रुद्राष्टकम् पाठ करने की विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
  • शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर के सामने बैठें
  • दीपक और अगरबत्ती जलाएँ
  • शांत मन से Shiv Rudrashtakam Lyrics in Hindi का पाठ करें
  • अंत में “ॐ नमः शिवाय” का जप करें

रुद्राष्टकम् और महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि पर रुद्राष्टकम् का पाठ करने से—

  • शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है
  • साधक की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं
  • आध्यात्मिक उन्नति होती है

रुद्राष्टकम् किसने लिखा?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राष्टकम् की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी।
यह स्तोत्र रामचरितमानस के उत्तरकाण्ड में भी उल्लेखित है।

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क्यों पढ़ें Rudrashtakam Lyrics in Hindi?

  • सरल भाषा में गहन आध्यात्मिक भाव
  • शिव भक्ति का सर्वोत्तम माध्यम
  • हर आयु वर्ग के लिए उपयुक्त
  • घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार

निष्कर्ष

Rudrashtakam Lyrics, Rudrashtakam Lyrics in Hindi, और Shiv Rudrashtakam Lyrics in Hindi केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि शिव से जुड़ने का एक दिव्य माध्यम है।
जो भक्त सच्चे मन से इसका पाठ करता है, उसके जीवन में शिव स्वयं मार्गदर्शक बन जाते हैं।

ॐ नमः शिवाय 🕉️

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