Na Punyam Na Papam Lyrics in Hindi: न पुण्यं न पापं

Na Punyam Na Papam Lyric

Na Punyam Na Papam” एक अत्यंत प्रसिद्ध वैदिक-आध्यात्मिक स्तोत्र है, जिसे निर्वाण षट्कम् (Nirvana Shatkam) के नाम से भी जाना जाता है। इस अमर रचना की रचना आदि शंकराचार्य ने की थी। यह स्तोत्र अद्वैत वेदांत दर्शन का सार प्रस्तुत करता है और आत्मा के शुद्ध स्वरूप को स्पष्ट करता है।

आज के समय में na punyam na papam lyrics in hindi को लोग न केवल भक्ति के लिए, बल्कि आत्म-बोध, ध्यान और मानसिक शांति के लिए भी पढ़ते हैं।

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Na Punyam Na Papam का अर्थ

संस्कृत पंक्ति “न पुण्यं न पापं” का सीधा अर्थ है:

“मैं न पुण्य हूँ, न पाप हूँ”

अर्थात आत्मा कर्म, धर्म, पाप-पुण्य, जाति, वर्ण, शरीर और मन से परे है। यह स्तोत्र हमें सिखाता है कि हम शुद्ध चेतना हैं – शिव स्वरूप हैं।

Na Punyam Na Papam Lyrics in Hindi (पूर्ण पाठ)

न निर्वाण षट्कम् – आदि शंकराचार्य

न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दुःखं
न मन्त्रो न तीर्थं न वेदा न यज्ञाः।
अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता
चिदानन्द रूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥

न मृत्युर्न शङ्का न मे जातिभेदः
पिता नैव मे नैव माता न जन्मः।
न बन्धुर्न मित्रं गुरुर्नैव शिष्यः
चिदानन्द रूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥

अहं निर्विकल्पो निराकार रूपो
विभुत्वाच्च सर्वत्र सर्वेन्द्रियाणाम्।
न चासंगतं नैव मुक्तिर्न मेयः
चिदानन्द रूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥

न मे द्वेषरागौ न लोभो न मोहौ
मदो नैव मे नैव मात्सर्यभावः।
न धर्मो न चार्थो न कामो न मोक्षः
चिदानन्द रूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥

न मे मृत्युभीतिर्न शंका न जातिः
न माता न पिता न जन्मो न बन्धुः।
न मित्रं न शिष्यं गुरुर्नैव मेयः
चिदानन्द रूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥

अहं निर्विकल्पो निराकार रूपो
निराकारतत्त्वं निराधारभावः।
न चासंगतं नैव मुक्तिर्न बन्धः
चिदानन्द रूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥

Na Punyam Na Papam Lyrics in Hindi का भावार्थ

इस स्तोत्र में आत्मा की पहचान को बहुत सरल लेकिन गहन शब्दों में समझाया गया है।

🔹 मैं शरीर नहीं हूँ

आत्मा शरीर, मन, बुद्धि या अहंकार नहीं है।

🔹 मैं कर्मों से परे हूँ

पुण्य-पाप, धर्म-अधर्म, यज्ञ-कर्म सब भौतिक स्तर के हैं।

🔹 मैं शुद्ध चेतना हूँ

आत्मा सदा आनंदमय, शुद्ध और निर्लेप है।

🔹 “शिवोऽहम्” का अर्थ

“मैं शिव हूँ” यानी मैं कल्याणस्वरूप चेतना हूँ

Na Punyam Na Papam Lyrics का आध्यात्मिक महत्व

na punyam na papam lyrics अद्वैत वेदांत का मूल सिद्धांत समझाने वाला स्तोत्र है।

इसके मुख्य संदेश:

  • आत्मा अजन्मा है
  • आत्मा अविनाशी है
  • आत्मा कर्मों से प्रभावित नहीं होती
  • आत्मा ही परम सत्य है

ध्यान और साधना में उपयोग

आज के योग, मेडिटेशन और माइंडफुलनेस में na punyam na papam lyrics in hindi का विशेष महत्व है।

✔ मानसिक शांति
✔ आत्म-बोध
✔ अहंकार का नाश
✔ भय और चिंता से मुक्ति

इसी कारण इसे कई आश्रमों, योग केंद्रों और आध्यात्मिक प्रवचनों में गाया जाता है।

Na Punyam Na Papam किसने लिखा?

  • रचनाकार: आदि शंकराचार्य
  • भाषा: संस्कृत
  • दर्शन: अद्वैत वेदांत
  • अन्य नाम: निर्वाण षट्कम्

आदि शंकराचार्य ने यह स्तोत्र युवावस्था में रचा था, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

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निष्कर्ष

Na Punyam Na Papam Lyrics in Hindi केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि आत्मा को पहचानने का मार्ग है। यह हमें सिखाता है कि:

हम शरीर नहीं हैं, हम विचार नहीं हैं,
हम शुद्ध चैतन्य – शिव स्वरूप हैं।

यदि आप भक्ति, ज्ञान और आत्म-शांति की तलाश में हैं, तो na punyam na papam lyrics का नियमित पाठ आपके जीवन में गहरा परिवर्तन ला सकता है।

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